भारी बारिश के कारण जल शक्ति विभाग की पेयजल योजनाओं और सीवरेज लाइनों को पहुंचा भारी नुकसान
पर्याप्त बजट नहीं मिलने से विभाग को लाइनों के सुदृढ़ीकरण कार्य में आ रहीं दिक्कतें
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। बीते वर्ष हुई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा से अभी तक प्रदेश के हजारों लोग नहीं उभर पाए हैं। वहीं विभिन्न विभागों की हालत कुछ ऐसी ही है कि प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान का आंकड़ा इतना अधिक है कि भरपाई करने में अभी बहुत समय लगेगा। जल शक्ति विभाग रामपुर की हालत भी कुछ ऐसी ही है। बरसात, भूस्खलन और प्राकृतिक आपदा से उभरने के लिए अभी तक विभाग को नाममात्र का बजट ही मिला है, जबकि नुकसान कई गुना अधिक पहुंचा है। गौर हो कि बीते वर्ष कई माह तक चली भारी बारिश, भूस्खलन और प्राकृतिक आपदा से रामपुर उपमंडल में जल शक्ति विभाग को करीब 25 करोड़ की क्षति पहुंची थी। भारी बारिश के कारण विभाग की पेयजल और सीवरेज लाइनों को करोड़ों की क्षति पहुंची थी। इससे विभाग की करीब 83 बड़ी योजनाओं को नुकसान पहुंचा था। विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर पेयजल और सीवरेज लाइनों को सुचारू तो कर दिया, लेकिन योजनाओं को पूरी तरह से दुरूस्त करने के लिए विभाग के पास पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं है। सरकार से योजनाओं के सुधार और दुरूस्त करने के लिए अब तक केवल 2.79 करोड़ रुपये का बजट ही मिल पाया है। आपदा को गुजरे करीब एक वर्ष का समय बीत गया है, लेकिन पेयजल और सीवरेज योजनाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार से पर्याप्त बजट नहीं मिल पाया है। हालांकि विभाग को जैसे जैसे फंड मिल रहा है, उसी हिसाब से विभाग कार्य कर रहा है। हालांकि बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी के कारण विभाग की 23 योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई थी और विभाग को करीब 55 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा था। विभाग ने इन योजनाओं को भी दुरूस्त कर लिया, लेकिन योजनाओं को स्थाई और सुचारू रूप से चलाने के लिए विभाग को अभी भी करोड़ों रुपये के बजट की दरकार है।
कोट़्स
जल शक्ति विभाग रामपुर के अधिशासी अभियंता आरएस नेगी ने कहा कि बीते वर्ष हुई भारी बरसात और प्राकृतिक आपदा के कारण विभाग को 25 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा था। योजनाओं की मरम्मत और सुधारीकरण के लिए अब तक 2.79 करोड़ का बजट ही मिल पाया है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे विभाग को फंड प्राप्त हो रहा है, योजनाओं को पूर्णत: दुरूस्त किया जा रहा है।