खनेरी अस्पताल प्रबंधन के पास महज एक सप्ताह का स्टॉक शेष, आदर्श आचार संहिता के चलते टेंडर नहीं होने स आने वाले दिनों में बढ़ेंगी दिक्कतें
प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग को दस दिन पूर्व कर दिया है सूचित, अभी तक नहीं मिला जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत और प्रदेश सरकार की हिमकेयर योजना के तहत आने वाले दिनों में मरीजों को निशुल्क दवाइयां और उपकरण की सुविधा नहीं मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन के पास वर्तमान में महज एक सप्ताह का स्टॉक बचा है। वहीं आदर्श आचार संहिता के टेंडर नहीं होने से आने वाले दिनों में मरीजों को निशुल्क दवाइयों और उपकरण की सुविधा से वंचित रहना पड़ सकता है। इससे हजारों मरीजों की परेशानियां बढ़ सकती है। गौर हो कि अभी तक जन औषधि केंद्र के जरिये दोनों योजनाओं का मरीजों को लाभ दिया जा रहा था, लेकिन प्रदेश उच्च न्यायालय ने केंद्र में सर्जिकल उपकरणों और गैर जेनेरिक दवाओं को बेचने पर रोक लगा दी है। इससे हजारों मरीजों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। गौर हो कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत और प्रदेश सरकार की हिमकेयर योजना के तहत लोगों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा किया गया है। जनजातीय जिला किन्नौर, शिमला, कुल्लू और मंडी के हजारों लोग योजनाओं से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन चार जिलों के मुख्य अस्पताल खनेरी में ये योजना चरमरा सकती हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से योजनाओं के तहत मरीजों को दवाओं का स्टॉक उपलब्ध करवाया गया है, लेकिन यह भी ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाला। ऐसे में आने वाले दिनों में योजनाओं के लाभ से मरीजों को वंचित रहना पड़ेगा। बीते 13 अप्रैल को खनेरी अस्पताल प्रबंधन ने पत्राचार के जरिये स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को इस बारे में सूचित कर दिया है। इसमें आदर्श चुनाव आचार संहिता में वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की गई है, लेकिन दस दिन का समय बीत गया है, लेकिन उच्चाधिकारियों की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। प्रदेश में छह जून तक आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू रहेगी, ऐसे में अभी करीब एक माह से अधिक समय तक इन दो योजनाओं के तहत नए टेंडर नहीं करवाए जा सकते। ऐसे में आने वाले दिनों में खनेरी अस्पताल में इस योजना के तहत उपचार के लिए आने वाले मरीजों को निशुल्क दवाइयों और उपकरणों की सुविधा से महरूम रहना पड़ सकता है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि वे भी तब तक कार्ड पर निशुल्क दवाइयों को दे सकते हैं, जब तक उनके पास स्टॉक उपलब्ध है। स्टॉक समाप्त होने पर व्यवस्था लड़खड़ा जाएगी। अस्पताल में रोजाना आर्थो और गंभीर सर्जरी वाले मरीजों का आना रहता है, ऐसे में दोनों योजनाओं ठप होने से मरीज दिक्कतें झेलेंगे। खनेरी अस्पताल में शिमला, कुल्लू, मंडी और किन्नौर जिले से मरीज उपचार के लिए आते हैं और हर रोज अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या भी सैकड़ों में होती है। ऐसे में योजनाओं के बंद होने से हजारों मरीजों को परेशानियों से जूझना पड़ेगा।
कोट्स
संबंधित कंपनी ने कार्ड पर दवाइयों को देना बंद कर दिया तो अस्पताल प्रबंधन अपने स्तर पर दवाइयां मुहैया करवा रहा है, लेकिन सीमित स्टॉक के कारण आने वाले दिनों में दिक्कतें हो सकती हैं।
डॉ प्रकाश डरोच, एमएएस, खनेरी अस्पताल