रामपुर बाजार में सड़क किनारे फैला कूडा कर्कट
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रामपुर बुशहर। दीपावली के लिए जहां चार जिलों का प्रमुख व्यापारिक केंद्र रामपुर खूब सजा है, वहीं बुधवार को शहर के विभिन्न स्थानों पर गंदगी के ढेर देखने को मिली। इसकी वजह यह है कि नप क्षेत्र में सफाई व्यवस्था में जुटे कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है।
इस वजह से कर्मचारी काम पर नहीं लौट रहे हैं। इससे एनएच-5 सहित रामपुर के विभिन्न स्थानों में गंदगी के ढेर लग गए हैं। ऐसे में यहां पहुंचने वाले हजारों लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। दुकानों के आगे लगे गंदगी के ढेर लोगों का मुंह चिढ़ाते नजर आ रहे हैं।
गौर हो कि दिवाली पर्व पर सभी लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं और घरों को को विशेष रूप से सजाया जाता है। मगर रामपुर शहर में दिवाली से एक दिन पहले का नजारा कुछ और ही नजर आया। शहर में सुबह से ही गंदगी के ढेर लगना शुरू हो गए। गंदगी के ये ढेर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान उठा रह हैं।
बुधवार को शहर के विभिन्न स्थानों पर सफाई कर्मियों के कचरा नहीं उठाने के कारण चारों ओर गंदगी पसरी रही। समय पर वेतनमान नहीं मिलने के कारण सफाई कर्मचारियों ने सफाई करने से इनकार दिया है।
सफाई कर्मियों का कहना है कि जब तक वेतन नहीं मिलता तब तक सफाई व्यवस्था ऐसी ही रहेगी। यह पहली मर्तबा नहीं है, जब सफाई कर्मी वेतन को तरसे हों। पिछले तीन माह से सफाई कर्मी वेतन देने और लेबर कानूनों को लागू करने की मांग उठा रहे हैं, लेकिन ठेकेदार और नगर परिषद की नाकामी के चलते कर्मी परेशानियों से जूझ रहे हैं। मसलन शहर में गंदगी के ढेर लगना लाजिमी है।
नगर परिषद के सेनिटरी ऑफिसर सोहर लाल ने बताया कि नगर परिषद की ओर से ठेकेदार को सफाई के एवज में भुगतान कर दिया गया है। सफाई कर्मियों को वेतन देना ठेकेदार की जिम्मेवारी है।