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ढेड़ महिने बाद शुरू हुई गरीब के आवास की राशि हड़पने के प्रयास की जांच

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रोहडू। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत गरीब व्यक्ति को घर बनाने के लिए सरकार से मिली राशि हड़पने के प्रयास में बीडीओ ऑफिस के कर्मचारी को बचाने के लिए पूरा प्रयास जारी है। शिकायत के बाद पुलिस थाना रोहडू की ओर से करीब डेढ़ माह तक जांच तो दूर पुख्ता दस्तावेज तक नहीं जुटाए गए। अब मामला उजागर होने के बाद शुक्रवार सुबह दोबारा बीडीओ कार्यालय रोहडू से दस्तावेज मांगे गए हैं।
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पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह पुलिस ने बीडीओ कार्यालय रोहडू पहुंचकर मामले के संबंधित कुछ दस्तावेज दोबारा मांगे हैं, जबकि वही दस्तावेज कुछ माह पहले बीडीओ कार्यालय रोहडू की ओर से पुलिस को पास सौंपे गए थे। बीडीओ कार्यालय को पुलिस की ओर से तर्क दिया गया कि पुराने कुछ दस्तावेज उनके पास से गुम हो चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे कि संगीन आरोपों के दस्तावेज थाने की फाइल से आखिर कैसे गायब हुए हैं। बीडीओ रोहडू प्रताप चौहान ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा पुलिस ने शुक्रवार को उनसे इस मामले के कुछ दस्तावेज दोबारा मांगे हैे, जबकि वही दस्तावेज पहले भी दिए गए थे। उन्होंने कहा पुलिस की ओर से बताया गया कि फाइल से कुछ पहले दिए गए दस्तावेज गायब हैं। उन्होंने कहा पुलिस शायद अब इस पर मामला दर्ज कर रही है। इस प्रकार की कुछ अन्य शिकायतें भी बीडीओ रोहडू के पास पंचायत प्रधानों और गांव के लोगों ने की है। बीडीओ कार्यालय की ओर से इस शिकायतों को अनदेखा किया जा रहा है। लोगों की मांग की है आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाए। कर्मचारी के बैंक खातों की जांच की जाए।
डीएसपी रोहडू चमन लाल ने बताया कि मामले की जांच के लिए तैनात जांच अधिकारी के स्वास्थ्य कारणों से इसकी जांच में देरी हुई है। पुलिस एक-दो दिन में जांच पूरी करने के बाद कड़ी कार्रवाई करेगी।
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क्या है मामला
बीडीओ ऑफिस रोहडू के एक कर्मचारी ने यह राशि अपने पास करीब दो साल तक जमा रखी। इसका खुलासा हुआ तो कर्मचारी ने अपने खाते से अलग-अलग किस्तों में बीडीओ ऑफिस के खाते में इस राशि को ट्रांसफर किया है। करीब एक लाख 17 हजार रुपये के इस मामले पर हर तरफ से पर्दा डालने के प्रयास हो रहे हैं। करीब दो महीने पहले कुछ लोगों ने टिक्कर में ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी के पास इसकी शिकायत की। शिकायत के दौरान इसकी जांच के लिए बीडीओ रोहडू को अधिकृत किया गया। शिकायत के बाद ऊर्जा मंत्री की ओर से इस मामले की पुलिस में एफआईआर दर्ज करने के आदेश किए गए हैं। आरोप में संलिप्त कर्मचारी ने उसके बाद पूरी राशि को बीडीओ कार्यालय के बैंक खाते में जमा करवाया है। बीडीओ कार्यालय की ओर से पुलिस के पास इसके सारे दस्तावेज जरूर पहुंचाए गए, लेकिन मामला दर्ज करवाने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है। कर्मचारी को बचाने के हर प्रयास चल रहे हैं।
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