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Rampur Bushahar News: बिना शिक्षक कैसे संवरेगा पीजी कॉलेज के छात्रों का भविष्य

कॉलेज में अहम विषयों के प्राध्यापक न होने छात्रों की पढ़ाई हो रही प्रभावित

शिक्षकों की कमी से सैकड़ों छात्र झेल रहे दिक्कतें

कॉलेज में भौतिक विज्ञान, अंग्रेजी, इतिहास सहित अन्य विषयों के शिक्षक नहीं
4,250 विद्यार्थी शिक्षा कर रहे ग्रहण
किन्नौर, कुल्लू, मंडी और शिमला के दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे पहुंचते हैं शिक्षा ग्रहण करने

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। दुर्गम एवं ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को बेहतर उच्च शिक्षा मुहैया करवाने के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलेज तो खोले गए, लेकिन जिला शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में अधिकतर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी है। ऐसे में यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को शिक्षकों की कमी के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही हाल पीजी कॉलेज रामपुर का है। यहां शिक्षकों की कमी छात्रों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। कॉलेज में लंबे समय से भौतिक विज्ञान के तीन प्राध्यापकों में से दो, एक अंग्रेजी, एक कंप्यूटर विज्ञान, एक इतिहास प्राध्यापक के पद रिक्त पड़े हैं। इसके अलावा कॉलेज में एसएलए का पद भी रिक्त पड़ा है। विज्ञान विषय के करीब तीन सौ से अधिक छात्र-छात्राएं भौतिक विज्ञान का शिक्षक न होने से परेशान हैं। इसके अलावा अन्य विषयों प्राध्यापक न होने से सैकड़ों विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। रिक्त पदों के कारण कॉलेज में तैनात प्राध्यापकों पर भी बोझ बढ़ गया है।
रामपुर स्थित पीजी कॉलेज में चार जिलों किन्नौर, शिमला, कुल्लू और मंडी के दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने पहुंचते हैं। 4,250 छात्र-छात्राओं की संख्या वाले इस महाविद्यालय में शिक्षक छात्र अनुपात की बात करें, तो यहां यह अनुपात सही नहीं बैठता। कॉलेज में स्टाफ की कमी के कारण छात्रों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
बढ़ रही छात्रों की संख्या और कम शिक्षक
दुर्गम और ग्रामीण इलाकों से छात्र शिक्षा ग्रहण करने यहां पहुंचते हैं, लेकिन यहां भी शिक्षकों के अभाव में उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। कॉलेज में वर्ष-दर-वर्ष विद्यार्थियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। हालांकि, कॉलेज में बेहतर आधारभूत ढांचा भी उपलब्ध है। इसके बावजूद प्राध्यापकों के रिक्त पद छात्र-छात्राओं की परेशानियां बढ़ा रहे हैं।


कॉलेज में विभिन्न प्राध्यापकों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। रिक्त पदों को लेकर समय समय पर शिक्षा विभाग से पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि कॉलेज में शिक्षकों की जल्द तैनाती होगी और छात्रों को राहत मिलेगी। - डॉ. पंकज बसोतिया, प्राचार्य, पीजी कॉलेज रामपुर

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