जरूरी है काम, दांव पर जान ज्यूरी के समीप पहाड़ दरकने के बाद नेशलन हाईवे बंद होने केबाद यात्री जान ?
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ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। ज्यूरी के समीप पहाड़ दरकने से नेशनल हाईवे-5 पर दूसरे दिन भी बहाल नहीं हो पाया है। पहाड़ से यहां हर समय भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद जरूरी काम के लिए लोग यहां जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। रामपुर प्रशासन और नेशनल हाईवे प्राधिकरण की निगरानी में दिन-रात सड़क को खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
नेशनल हाईवे बंद होने से लोगों के लिए पैदल आवाजाही का भी रास्ता नहीं है। ऐसे में लोग जान जोखिम डालकर पहाड़ी पर चढ़कर इधर-उधर से गुजरने को मजबूर दिखे। यहां फंसे यात्री पहाड़ी से जान की परवाह किए बगैर आ-जा रहे हैं। इस दौरान एक दूसरे का हाथ और झाड़ियों को पकड़कर पीठ पर सामान लेकर लोग गंतव्य की जाते रहे। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी गंतव्य तक पहुंचने के लिए जान को जोखिम में डालकर आवाजाही करते दिखे।
इस दौरान आरएसएस के स्वयंसेवकों ने भी कई लोगों को हाथ पकड़कर कठिन रास्ते को पार करवाया। यहां से आवाजाही करने वाली अवंतिका, शांति, प्रोमिला, पवना, नवीन, हरि राम, पवन राणा, जेठू राम, विजय और सुनील ने बताया कि उनकी शिमला में परीक्षाएं है। इसके अलावा किसी को घर पर जरूरी काम के लिए जाना है।
उन्होंने बताया बस में या गाड़ी में वो कब तक रुकते, कुछ घंटे की बात होती तो रुक जाते। इसके बाद यात्रियों ने हिम्मत हारकर पहाड़ी पगडंडियों से किसी तरह से आरपार जा रहे हैं। हालांकि देर शाम मार्ग को छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया है। मगर मंगलवार सुबह से पूरा दिन भर लोग जान को खतरे में डालकर आवाजाही करते रहे।
एक्सईएन किशोरी लाल सुमन ने देर शाम छोटे वाहनों के लिए मार्ग को खोल दिया गया है। मगर बड़े वाहनों की आवाजाही अभी भी नहीं हो पाई है। चट्टानों को हटाने का कार्य किया जा रहा है।