पिछले माह अचानक निगुलसरी में भूस्खलन होने के कारण प्रशासन ने रात 8:00 से सुबह 6:00 बजे तक उक्त स्थान पर वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी, जो वीरवार से हटा दी गई है। एनएच पांच पर अब 24 घंटे वाहनों की आवाजाही शुरू होने से हजारों लोगों को लाभ पहुंचेगा।
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर में अब रात के समय भी वाहनों की बराबर आवाजाही हो पाएगी। जिला प्रशासन ने निगुलसरी में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में 24 घंटे वाहनों की आवाजाही के आदेश जारी कर दिए हैं।
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पिछले माह अचानक निगुलसरी में भूस्खलन होने के कारण प्रशासन ने रात 8:00 से सुबह 6:00 बजे तक उक्त स्थान पर वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी, जो वीरवार से हटा दी गई है। एनएच पांच पर अब 24 घंटे वाहनों की आवाजाही शुरू होने से हजारों लोगों को लाभ पहुंचेगा।
गौर हो कि वर्ष 2021 में नेशनल हाईवे पांच में निगुलसरी के पास भूस्खलन के कारण दो दर्जन से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी और यह स्थान काफी संवेदनशील बन गया था। इस वर्ष भी जुलाई माह में यहां भूस्खलन की घटनाएं होने से जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रात के समय वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। भूस्खलन की पूर्व जानकारी हासिल करने के लिए यहां भू वैज्ञानियों ने अर्ली वार्निंग सिस्टम भी स्थापित किया है, जो भूस्खलन से पहले सायरन बजाकर लोगों को आगाह करेगा। 17 जुलाई से निगुलसरी में रात के समय वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी।
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रात के समय वाहनों की आवाजाही थमने के कारण हजारों लोगों को जनजातीय जिला किन्नौर से अन्य क्षेत्रों में जाने और यहां आने वाले हजारों लोगों और पर्यटकों को परेशानियां झेलनी पड़ रही थी, लेकिन अब एनएच पर 24 घंटे वाहनों की आवाजाही होने से उनकी परेशानियां दूर होंगी। उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि निगुलसरी में कम होते भूस्खलन के खतरे को देखते हुए अब 24 घंटे यहां से वाहनों की आवाजाही हो सकेगी। भूस्खलन के दृष्टिगत यहां अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित किया गया है, जो भूस्खलन होने पर तुरंत लोगों को सूचित करेगा। उन्होंने कहा कि स्थिति पर नजर रखने के लिए यहां 24 घंटे पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात रहेंगे और आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन को सूचित करेंगे।