दलाश (कुल्लू)। क्षेत्र के दलाश-लूहरी सड़क में ओवरी ढांक पर कभी भी निगुलसरी (किनौर) जैसा बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है। इसके बावजूद सरकार, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग इसको लेकर गंभीर नहीं है। लोगों का कहना है कि शायद प्रशासन यहां किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
गौर रहे कि ओवरी ढांक दलाश से करीब सात किलोमीटर की दूरी पर है। इस ढांक से पत्थरों का गिरना आम बात है। ढांक पर कई जगह दरारें आई हैं। इसे यहां हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों ने बताया कि ओवरी ढांक के पास सड़क भी संकरी है और पत्थर भी गिरते रहते हैं। ढांक में दरारें आने के कारण हादसे का खतरा बढ़ गया है। इसे लेकर सरकार, प्रशासन और लोनिवि बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। ऐसे में रोजाना ग्रामीणों को खतरे के साये में सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। दलाश- लूहरी सड़क क्षेत्र की मुख्य सड़क है।
इस सड़क पर दिनभर सैकड़ों वाहनों के अलावा परिवहन विभाग की बसों की आवाजाही लगी रहती है। यह सड़क दलाश की करीब 10 पंचायतों को जोड़ती है। ऐसे में हजारों लोगों को ओवरी ढांक के पास हमेशा जान हथेली में रखकर सफर करना पड़ रहा है।
ढांक में दरारें आने के कारण बरसात और सर्दियों के मौसम में यहां पर कई बार बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर गिरती रहती है और कई बार दिन के समय में भी इस जगह पर हल्के पत्थर गिरते रहते हैं। अगर सरकार, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में किन्नौर जिले के निगुलसरी जैसा हादसा घटित हो सकता है।
लोनिवि निरमंड के एक्सईएन राजेश शर्मा ने कहा कि सड़क जहां से संकरी है, वहां पर जल्द डंगा लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं। इससे वाहनों को गुजरने में दिक्कतें नहीं आएगी। ढांक में दरारें पड़ना और पत्थर गिरने जैसी समस्या संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो जल्द स्थायी समाधान करने की कोशिश की जाएगी।