शिक्षकों के अभाव के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही प्रभावित, सरकार और शिक्षा विभाग नहीं ले रहा सुध
जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों ने सरकार से रिक्त पदों को भरने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार के ग्रामीण इलाकों में बेहतर शिक्षा के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। ग्रामीण स्कूलों में बिना शिक्षकों के कैसे छात्रों का भविष्य संवरेगा, इसकी चिंता अभिभावकों को सता रही है। ऐसा ही हाल रामपुर उपमंडल की दुर्गम पंचायत काशापाट स्कूल का है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला काशापाट में कई वर्षों से अहम विषयों के शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। इस कारण स्कूली छात्र और छात्राओं के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला काशापाट में अंग्रेजी प्रवक्ता का पद मार्च 2021, इतिहास विषय का पद जुलाई 2023, राजनीतिक विज्ञान का पद वर्ष 2017, एलटी का पद मार्च 2024 और शास्त्री का पद मई 2017 से खाली चल रहा है। वर्षों से रिक्त पदों के कारण स्कूल में छठी से 12वीं कक्षा तक अध्ययनरत 88 विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर है। शिक्षकों के पद खाली होने के कारण अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। स्कूल में काशा और पाट के साथ-साथ अन्य गांव के छात्र पढ़ने आते हैं, लेकिन स्कूल में शिक्षकों के कई पद खाली हैं। इस कारण छात्रों की पढ़ाई खासी प्रभावित हो रही है। बीते लंबे समय से शिक्षकों के अभाव के कारण छात्रों के साथ साथ अभिभावकों की चिंता बढ़ रही है।
जल्द भरे जाएं रिक्त पद
काशापाट पंचायत प्रधान पुष्पा सनाटू, ईश्वर सनाटू, गोकल राम चौहान, चुडा राम, बुद्धि सिंह गमेटा, राकेश ठाकुर, लायक राम सानी, दुर्गा सिंह ठाकुर, रोशनी ठाकुर और रुकमणि सहित अन्य अभिभावकों ने सरकार और शिक्षा विभाग से स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग उठाई है, ताकि ग्रामीण इलाकों में छात्रों को घरद्वार बेहतर शिक्षा मिल सके।
स्टाफ के रिक्त पदों को लेकर समय-समय पर सरकार और शिक्षा विभाग को पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि शीघ्र ही रिक्त पदों को भरा जाएगा।
-माया साहनी, प्रधानाचार्य, काशापाट स्कूल