लोगों को पैदल या निजी टैक्सियों में गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा
ग्रामीणों में निगम प्रबंधन पर रोष, समस्या के समाधान की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। दुर्गम क्षेत्रों में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) रामपुर डिपो में हजारों यात्रियों का सफर रामभरोसे चल रहा है। निगम की बसें आधे रास्ते में खराब हो रही हैं। सवारियों को पैदल अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है या फिर निजी टैक्सियों में भारी भरकम किराया देकर गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। रामपुर के नोगवैली रूट में बसें सप्ताह में दो या तीन बार आधे रास्ते में खराब हो रही हैं। इससे ग्रामीणों में निगम प्रबंधन पर भारी रोष है। शनिवार को भी रामपुर से लालसा रूट पर सुबह 9:00 बजे चलने वाली बस जीरो प्वाइंट शनेरी के पास खराब हो गई। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यात्रियों में घनश्याम, सुंदर सिंह, यशपाल, राजेंद्र, श्याम लाल, राधा, सुनीता, बिरमा, नीता, राजेश्वर, अमित और नरेंद्र सहित अन्य लोगों ने कहा कि आए दिन परिवहन निगम की बसें हांफ रही हैं। उन्होंने निगम की लचर कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। साथ ही सरकार, प्रशासन और निगम के उच्च अधिकारियों से मांग उठाई है कि समस्या का समाधान किया जाए।
वहीं, डंसा पंचायत के उपप्रधान जीएल डमालू ने बताया की नोगवैली को चलने वाली बसें हर सप्ताह दो से तीन दिन आधे रास्ते पर खराब हो रही हैं। निगम की बसें ग्रामीण क्षेत्रों में आधे रास्तों में हांफने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खटारा बसें आधे रास्ते में खराब हो रही हैं और खतरे के साये में सफर हो रहा है।
बस में तकनीकी खराबी के कारण यह समस्या पेश आई है। कार्यशाला से बसों की जांच कर रूट पर भेजा जाता है।
- अतुल गुप्ता, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, हिमाचल पथ परिवहन निगम रामपुर