रोजाना सुबह के वक्त बिजली गुल होने से ठियोग के वार्डों की जनता परेशान
सुबह के समय अकसर बिजली कट लगने से लोगों की बढ़ रहीं दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। उपमंडल ठियोग में हर साल सर्दियों में जनता बिजली की समस्याओं से जूझने लगती है। सर्दियों का मौसम शुरू होते ही सुबह के समय बिजली जाना आम सी बात हो गई है। अब विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं सिर पर हैं और बिजली के अघोषित कट लग रहे। इससे लोग और स्कूल के बच्चे परेशान हो रहे हैं। हर साल की इस समस्या का आज तक समाधान नहीं हो पाया है।
गौर हो कि नगर परिषद ठियोग के कई वार्डों में वर्षों से उपभोक्ता बिजली के अघोषित कटों से परेशान हैं। सर्दियों में समस्या और बढ़ जाती है। विद्युत ढांचे पर बढ़ते लोड के कारण बिजली गुल हो जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि नवंबर और दिसंबर में बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं होती हैं। ऐसे में लगने वाले बिजली कट विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित कर रहे हैं। नप के विभिन्न वार्डों में सुबह ही बिजली गुल हो जाती है। इस कारण स्कूल, दफ्तर और अपने कार्यों पर जाने वाले लोगों के कार्य प्रभावित हो जाते हैं। लोग समस्या को लेकर विद्युत बोर्ड कार्यालय में फोन करते हैं, लेकिन यहां भी फोन बंद होने से लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पाता।
नप के विद्युत उपभोक्ता मोनिका, भूपिंदर शर्मा वार्ड नंबर छह की सोनिया चौहान, वार्ड चार के रविंद्र सिंह, राज कुमार इंदोरिया, पवन गुप्ता सहित अन्य ने बताया कि वर्षों से वार्डों में बिजली की समस्या बनी हुई है। समस्या के बारे में जब बोर्ड के कार्यालय में संपर्क किया जाता है, तो वहां फोन बंद आता है। लोगों का कहना है कि आए दिन बिजली कटों से परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। छोटे बच्चों को सुबह स्कूल भेजना, उनकी परीक्षाओं की तैयारियां और घर के कार्य निपटाने में बिना बिजली दिक्कतें पेश आ रही हैं। वार्ड में लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है। बोर्ड प्रबंधन से बार-बार मांग उठाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने बोर्ड से समय रहते समस्या का स्थाई समाधान करने की मांग उठाई है।
बोर्ड को पहले तैयारी करनी चाहिए
व्यापार मंडल ठियोग के कोषाध्यक्ष कुलवंत ठाकुर ने बताया की शहर भर में बिजली के यही हाल हर साल सर्दियों का मौसम शुरू होते ही हो जाते है। इसके लिए विद्युत बोर्ड को पहले से ही अपनी तैयारी रखनी चाहिए।
सर्दी का मौसम शुरू होते ही लोड की समस्या बढ़ जाती है। इस कारण कई जगहों पर स्पार्किंग हो जाती है। तीन चार दिन में मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाएगा और कट की समस्या से उपभोक्ताओं को निजात दिलाई जाएगी। - शशि कांत, एसडीओ,बिजली बोर्ड ठियोग