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Rampur Bushahar News: बारिश के बाद राहत, लेकिन सूखे से बेमौसमी सब्जी उत्पादकों को झटका

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सूखे के कारण टमाटर की फसल हुई बर्बाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। बारिश की फुहारों ने गर्मी के प्रकोप से झुलस रही सब्जियों और फलों को नवजीवन प्रदान किया है। गर्मी से न केवल उत्पादन घट रहा था, बल्कि फसलों की गुणवत्ता पर भारी असर पड़ रहा था। वहीं, सूखे से फल और सब्जियों के आकार पर भी बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है। लोगों के टमाटर की फसल इस बार बुरी तरह से बरबाद हो चुकी हैं। एक दाम कम ऊपर से सूखे ने पौधों को सूखा कर रख दिया है। सलमान, सूरत राम, बाल कृष्ण आदि किसानों ने बताया कि इस बार बीज और कीटनाशकों पर खर्च की लागत भी नहीं निकल पाई है। चौपाल विधानसभा क्षेत्र की नेरवा तहसील व कुपवी उपमंडल के कम ऊंचाई वाले और नदी किनारे के तट के किसानों ने परंपरागत फसलों को छोड़ कर टमाटर व अन्य बेमौसमी सब्जियों की खेती की ओर रुख किया है। कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सब्जियों की खेती ने किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में अहम भूमिका निभाई है। चौपाल उंपमंडल के निचले भाग में सब्जी उत्पादन अर्थव्यवस्था में सेब से अधिक योगदान दे रही हैं।
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टमाटर का 900 रुपये हुआ क्रेट
नेरवा सब्जी मंडी के आढ़ती ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि बीते एक सप्ताह से हो रही बारिश के चलते मैदानी क्षेत्रों की टमाटर की फसल खेतों में जलभराव होने के कारण समाप्त हो गई है। इसके चलते पहाड़ों में आजकल होने वाली फसलों के अच्छे रेट मिल रहे हैं। नेरवा सब्जी मंडी में सोमवार को टमाटर 900 रुपये क्रेट, फ्रासबीन 60 रुपये और फूल गोभी को 30 रुपये प्रति किलो का रेट मिला, जबकि नाशपाती गुणवत्ता के आधार पर 600 से 1200 रुपए प्रति 10 किलो की पेटी के हिसाब से बिकी। अर्ली वैरायटी के सेब टाइड मैन की पेटी को 800 से 1500 रुपये का रेट मिला।
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