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ओलावृष्टि से नुकसान के आकलन के लिए रोहड़ू पहुंची केंद्रीय टीम

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दलगांव में ओला प्रभावित बागवानों का दर्द सुनने पहुंची केंद्र की टीम - फोटो : RAMPUR-HP
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रोहडू़। उपमंडल रोहडू़ में ओलावृष्टि से किसानों-बागवानों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र की टीम पहुुंच गई है। टीम ने इस दौरान पूरे क्षेत्र का दौरा किया। दौरा के बाद तहसील रोहडू़ के दलगांव में कार्यक्रम के दौरान टीम के सदस्यों से प्रभावित किसानों और बागवानों ने दुख साझा किया। दलगांव में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए इंटर मिनिस्ट्रल सेंटर टीम 16 नवंबर को टीम लीडर डॉ. प्रमोद कुमार, सदस्य दीपेंद्र कुमार और तीमान सिंह ने लोगों की परेशानियों को सुना। उन्होंने नुकसान पर दुख व्यक्त करते हुए प्रभावितों की बात भारत सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
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इस दौरान दलगांव पंचायत के प्रधान विशेषर बंष्टु ने आग्रह किया ओलावृष्टि से निजात के लिए सरकार एंटी हेल गन स्थापित करे। इसके साथ ही हेल नेट लगाने के लिए लोहे के खंभों पर लागत अनुसार अनुदान दिया जाए। इस दौरान गांव के दो सौ लोगों ने टीम के सामने समस्याओं को रखा। रोशन लाल बंष्टु, लोकिंद्र बंष्टु, बिनु बांष्टु बंटी, योगेश्वर, हरदेव, दलीप, कृष्ण सिंह, तुलसी राम, संजू, प्रकाश चंद, दयानंद, टीकम, जगदीश, शूरवीर, ईश्वर शर्मा, रीता देवी, शारदा, विरमा देवी, मीनाक्षी देवी, अम्मी चंद, प्रदीप और दर्शन दास ने नुकसान की जानकारी दी।
उन्होंने कहा 28 सितंबर को सुबह उनकी सेब की तैयार फसल ओलावृष्टि से तबाह हो गई। उन्होंने मांग रखी कि सरकार ओलावृष्टि इंश्योरेंस को वेदर बेस्ड इंश्योरेंस के साथ शामिल करें। इसके साथ ही बैंकों को निर्देश दिए जाए कि एड ऑन इंश्योरेंस का प्रीमियम दूसरी इंश्योरेंस पालिसी के समय वसूल किया जाए। किसानों और बागवानों के केसीसी ऋण पर ब्याज माफ किया जाए।
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हेलनेट लगाने के लिए लोहे के खंभों पर अनुदान मिले, रिलीफ मैनुअल में संशोधन करके राहत राशि तीस हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दी जाए। इस दौरान जिला शिमला के एडीएम सचिन, उपनिदेशक बागवानी डॉ. राजेश चौधरी,उद्यान विकास अधिकारी डॉ. देवराज, एसडीएम रोहडू़ सुरेंद्र ठाकुर सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. नरेंद्र कायथ, विषय विशेषज्ञ बागवानी डॉ. समीर सिंह राणा मौजूद थे।
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