सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बीते दो दिन से हुई बर्फबारी और बारिश से जिंदगी थम गई है। इससे समूचा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। पूह से काजा और स्पीति का संपर्क अभी भी कटा हुआ है। वहीं जिले की 22 ग्रामीण सड़कें बर्फबारी से अभी भी बाधित हैं, जिन्हें बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। बर्फबारी और बारिश के बाद किन्नौर जिले के कल्पा, पूह और निचार खंड के हजारों ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों को आवाजाही करने में खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। वीरवार को पर्यटन स्थल कल्पा का अधिकतम तापमान 4.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान 5.5 और न्यूनतम तापमान -2.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बुधवार रात जिले के पोवारी से लेकर पूह तक करीब 56 किलोमीटर सड़क पर कई स्थानों में पहाड़ी से बड़े बड़े पत्थर आ गिरे। इस कारण वीरवार को पूह की ओर वाहनों की आवाजाही देरी से हो पाई।
जिले के कल्पा, रोघी, पांगी, बारंग, पूर्वणी, सांगला, निचार, बरी,नेसंग, लिप्पा, आसरंग, कानम, कुन्नोचारंग, ठंगी, लंबर, नेसंग, समदू, हांगो और चूलींग सहित अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर बर्फबारी के कारण निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पा रही। ऐसे में ग्रामीणों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। परिवहन निगम रिकांगपिओ के अड्डा प्रभारी रामबीर ने कहा कि जिले के अधिकांश ग्रामीण रूटों पर फिसलन के चलते एचआरटीसी की बसों की आवाजाही नहीं हो पा रही।
सड़कों की हालत सुधरते ही बस सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। जिले के कुछ ग्रामीण रूटों पर आधे रास्ते तक ही बसों को भेजा जा रहा है। लोक निर्माण विभाग कल्पा, पूह और निचार के तहत आने वाली 22 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हो गई हैं, जिन्हें बहाल कराने के लिए 19 मशीनें और मजदूर तैनात किए गए हैं। एक्सईएन भावानगर राहुल सूद और एसडीओ कल्पा अशोक नेगी ने कहा कि वीरवार शाम तक अधिकतर सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा। विभाग की मशीनें और मजदूर युद्धस्तर पर मार्ग बहाली में जुटे हैं