नेगी ने कहा कि वह मंडी में बारिश के कारण प्रभावित इलाकों में गए थे। वह राहत कार्यों का दौरा करने पहुंचे। इसमें जिले के उच्च अधिकारी भी बुलाए। शुरुआत गोहर से की। वह बगशाड़ से थुनाग पहुंचे। कुछ लोगों की एक ही मांग थी कि बागवानी का कॉलेज शिफ्ट न किया जाए। सरकार ने इसे सुरक्षित स्थान के लिए शिफ्ट किया। जो बच्चे किराये के मकानों में रहते थे, उनका कहना था कि 2023 और 2024 में भी इस तरह की घटनाएं हुईं। बच्चों का कहना था कि वे वापस हरगिज नहीं जाएंगे। सरकार ने विश्वविद्यालय से चर्चा के बाद यह फैसला लिया। सराज क्षेत्र में कोई जगह खाली नहीं थी।
जिन लोगों के मकान बह गए, उनसे भी पूछा। जनता में कोई आक्रोश नहीं था। लंबाथाच के लिए जब आ रहे थे तो वहां लोग नारे लगा रहे थे। नेगी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष वहां के एक स्कूल में भी नहीं गए, जिसका परिसर गाद से भरा गया था। वहां तुरंत लोक निर्माण विभाग की जेसीबी भेजी गई। जिलास्तरीय उच्च समिति की बैठक भी बुलाई गई। तीन बजे से अधिक का समय था ताे मालूम हुआ कि भाजपा के कुछ कार्यकर्ता और व्यापारी वहां आए हैं। वे दबाव बना रहे थे कि कॉलेज को वहीं रखा जाए। उन्होंने कहा कि यह लोग जोर-जबरदस्ती करते हुए आए। अगला कार्यक्रम गोहर के अंदर था तो उन्होंने गाड़ी को घेरे रखा। वे दबाव बना रहे थे कि कॉलेज की बहाली की घोषणा की जाए। इन लोगों ने गाड़ी के राष्ट्रीय ध्वज का अपना किया। चप्पलनुमा वस्तु गाड़ी पर फेंकी। फिर गाड़ी के आगे खड़े हो गए और काले कपड़े फेंकते रहे।
जगत सिंह नेगी ने डॉ. बिंदल पर भी निशाना साधा कि वह थुनाग में शर्मनाक घटना घटने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शर्मनाक घटना तो राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की है। चंद व्यापारियों को लाभ देने के लिए कॉलेज को यहीं चलाकर बच्चों को खतरे में डालना सही नहीं है।