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कोविड मेक शिफ्ट अस्पताल को मल्टी स्पेशलिटी बनाने की कवायद रोकी

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नेरचौक मेडिकल अस्पताल में लगे वेंटिलेटर - फोटो : Mandi
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मंडी/नेरचौक। जिले में कोविड संक्रमण फिर से पांव पसारने लगा है। करीब तीन माह बाद कारोना संक्रिमतों का आंकड़ा सौ के पार हो गया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को मास्क पहनने की अपील की है। साथ ही चौथी लहर से निपटने की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। सभी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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नेरचौक मेडिकल अस्पताल के साथ बने कोविड मेक शिफ्ट अस्पताल को मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल बनाने की कवायद भी रोक दी है। यहां सौ से अधिक वेंटीलेटर वाले बेड की व्यवस्था है। वर्तमान में एक ही मरीज यहां भर्ती है। दो आक्सीजन प्लांट भी चल रहे हैं। नेरचौक मेडिकल कालेज के मेक शिफ्ट अस्पताल में तैनात 106 नर्सिंग स्टाफ और 26 चिकित्सकों को अलर्ट पर रखा है। जरूरत पड़ने पर अस्पतालों में अस्थायी तौर पर कोविड केयर सेंटर भी बनाए जा सकते हैं।
कोरोना का आंकड़ा करीब तीन माह बाद बढ़ने लगा है। लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। मास्क पहनें, दो गज दूरी का अनुपालन करें। स्वास्थ्य विभाग स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। वंचित लोग बूस्टर डोज अवश्य लगवाएं। वक्सीनेशन सुरक्षा प्रदान करेगी।
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डॉ. देवेंद्र शर्मा, सीएमओ मंडी
छह सात सौ बिस्तर की व्यवस्था
मंडी जिले में 700 बिस्तरों की व्यवस्था है। इसमें मंडी अस्पताल के एमसीएच में 100, एमसीएम मंडी में 100,
सुंदरनगर, करसोग, जोगेंद्रनगर, सरकाघाट, जंजैहली व अन्य में 50-50 बिस्तर हैं। जोगिंद्रनगर, जंजैहली को छोड़कर अन्य अस्पतालों में पीएसए आक्सीजन प्लांट लग चुके हैं। इसके अलावा मेनिफोल्ड प्लांट भी हैं। कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते हैं तो उससे लड़ने के लिए नेरचौक मेडिकल कालेज में पूरी व्यवस्था है। मेक शिफ्ट अस्पताल समेत अस्पताल के आईसीयू भी तैयार हैं।
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