जोगिंद्रनगर (मंडी)। चिकित्सकों की पेन डाउन स्ट्राइक के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जोगिंद्रनगर अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा। खासकर गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं की माताएं और बुजुर्ग परेशान हुए।
मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे अस्पताल में पर्ची बनना शुरू हुई। इसके लिए मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। ओपीडी के दरवाजे खुले रहे, लेकिन चिकित्सक हड़ताल पर चले गए। उपचार के लिए पहुंची गर्भवती महिलाएं चिकित्सकों की तलाश में इधर उधर भटकती रहीं।
कुछ महिलाएं नवजात शिशुओं को लेकर ओपीडी के बाहर चिकित्सकों की राह देखती रहीं। दिव्यांग और बुजुर्ग भी चिकित्सकों के न मिलने से परेशान हुए। साढ़े 11 बजे चिकित्सक ओपीडी पर बैठे तो भीड़ ने परेशानी बढ़ा दी। उपचार के लिए मरीजों को धक्के खाने पड़े।
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केस वन
प्रेग्नेंसी टेस्ट करवाने अस्पताल पहुंची जोगिंद्रनगर की अनिता कुमारी सुबह नौ बजे अस्पताल पहुंची। उसे उपचार हासिल करने के लिए करीब तीन घंटे का लंबा इंतजार करना पड़ा।
केस टू
चल्हारग गांव की छटांकी देवी (50) कमर दर्द के कारण अस्पताल पहुंची। दो घंटे तक चिकित्सकों की हड़ताल समाप्त होने का इंतजार किया फिर ओपीडी के बाहर लंबी कतारों में लगकर उपचार हासिल करना पड़ा।
केस थ्री
गुम्मा गांव की वंदना देवी अस्पताल में करीब दस बजे पहुंच चुकी थी। दर्द से पीड़ित वंदना देवी ओपीडी के बाहर करीब दो घंटे तक बैठी रही। करीब एक बजे कतार में लगकर उपचार मिला।
केस चार
जोगिंद्रनगर के लाभ सिंह अपनी माता पांपली देवी (70) को उपचार दिलाने अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों के हड़ताल पर होने से मर्ज और बढ़ गया। पांव में दर्द से कहरा रही लाभ सिंह की माता के लिए हड़ताल पीड़ादायी साबित हुई।
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पैन डाउन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। गंभीर मरीजों के लिए अस्पताल की आपात सेवाएं निरंतर जारी रहीं।
-डॉ. राशन लाल कौंडल, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी जोगिंद्रनगर
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