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पर्यटन स्थल पराशर में सैलानी दो स्थानों ले सकेंगे पैराग्लाइडिंग का मजा, ट्रायल सफल

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मंडी जिला के पराशर पर्यटन स्थल पर पैराग्लाईडिंग साईट के निरीक्षण के लिए पहुंची पर्यटन व अन्य विभ - फोटो : Mandi
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मंडी। धार्मिक पर्यटन स्थल पराशर में सैलानी दो जगह पैराग्लाइडिंग का मजा ले सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का साधन भी उपलब्ध होगा।
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मंगलवार को पर्यटन विभाग की टीम ने पैराग्लाइडिंग के लिए पराशर के चंडोहीढाल से कांढा साइट को ट्रायल फ्लाइट के सफल होने के बाद हरी झंडी दे दी है। टीम रिपोर्ट भेजकर पंद्रह दिन में साइट नोटिफाई करेगी। चंडोहीढाल से कांढा दूसरी साइट है। यहां भी पैराग्लाइडिंग हो सकेगी।
इससे पहले गुडाहनीधार से गंगानाल साइट का चयन हो चुका है। यहां पैराग्लाइडिंग की गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। मंगलवार को पर्यटन विभाग की टीम ने साइट के निरीक्षण के दौरान इस नई साइट को हरी झंडी दी है। इस दौरान अटल बिहारी बाजपेई पर्वतारोहण संस्थान मनाली के संयोजक जिमनर कुमार, वन विभाग पनारसा बीट के आरओ अनु ठाकुर, बीएमओ कटौला डॉ. रोशन ठाकुर, बांधी पंचायत के पूर्व प्रधान कश्मीर सिंह मौजूद रहे।
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कम दूरी की टैंडम फ्लाइट के लगेंगे पांच सौ
गुडाहनीधार से गंगानाल तक करीब डेढ़ किमी की दूरी तक उड़ान हो रही है। कम दूरी की उड़ान के लिए यहां पांच सौ रुपये लिए जाते हैं। वहीं चंडोहढाल से कांढा दूसरी साइट में भी यही किराया है। बता दें कि चंडोही धार से कांढा पैराग्लाइडिंग साइट के लिए वर्ष 2020 में निरीक्षण किया था। उस दौरान कागजी कार्रवाई अधूरी रहने पर यह कार्य सिरे नहीं चढ़ पाया था। यदि यह कवायद सफल रही तो यहां स्थानीय युवाओं के साथ मिलकर पैराग्लाइडिंग गतिविधियों का संचालन किया जाएगा, जिससे यहां स्वरोजगार के साधन भी बढे़ंगे।
दूसरी साइट का चयन कर लिया है। इसकी रिपोर्ट शीघ्र ही सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी। यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए साहसिक खेलकूद गतिविधियों पर फोकस किया जा रहा है।
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एसके पराशर, उपनिदेशक पर्यटन विभाग
2730 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है पराशर झील
पराशर 2730 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। पराशर झील, घने जंगल और धौलाधार के बर्फ पहने हुए पर्वतों के मनोरम दृश्य के लिए जाना जाता है। पराशर झील लगभग 300 मीटर परिधि में है। इसमें एक तैरता द्वीप है। इसका स्वच्छ पानी इस सुंदर स्थान के आकर्षण में जोड़ता है। परंपरागत रूप से ऐसा माना जाता है कि ऋषि पराशर ने गुर्ज के हमले से झील बनाई थी। यहां से पानी निकला और झील का आकार लिया। ऋषि पराशर मंडी क्षेत्र के संरक्षक देवता को समर्पित एक प्राचीन पगोडा शैली मंदिर, झील के अलावा खड़ा है।

मंडी जिला के पराशर पर्यटन स्थल पर पैराग्लाईडिंग साईट का निरीक्षण करते हुए पर्यटन विभाग व अन्य वि?- फोटो : Mandi

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