सुंदरनगर (मंडी)। महिलाओं की दशा में पहले की अपेक्षा काफी सुधार हुआ है लेकिन अभी भी पुरुषों और महिलाओं में अंतर समझा जाता है। यह दुखदायी है। इसे दूर करने के लिए महिला सशक्तीकरण को और बढ़ावा देना चाहिए।
यह बात शनिवार को सुंदरनगर स्थित मां हाटेश्वरी कॉलेज ऑफ नर्सिंग में जिला परिषद सदस्य जागृति राणा ने कही। उन्होंने महिला सशक्तीकरण के लिए प्रशिक्षुओं को शपथ भी दिलाई। नर्सिंग संस्थान में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसमें नारी सशक्त अथवा कमजोर विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता भी करवाई। प्रशिक्षु छात्राओं ने खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। जिला परिषद सदस्य जागृति राणा ने कहा कि आज बेटों के जन्म पर जहां खुशियां मनाई जाती हैं, वहीं बेटी का जन्म होने पर निराशा जैसा माहौल होता है। प्रधानाचार्य सुमन भारती ने कहा कि वैदिक काल में नारियों को पूजनीय समझा जाता था। वही स्थिति फिर से लाने की जरूरत है।
उन्होंने छात्राओं को परिस्थितियों से डरकर नहीं बल्कि डटकर उनका सामना करने की सलाह दी। हाटेश्वरी कॉलेज ऑफ नर्सिंग में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के प्रबंध निदेशक बंसी राणा, प्रधानाचार्य डॉ. सुमन भारती, प्राध्यापिका आस्था महंत, भूपेंद्रा, भारती, कंचन, आकांक्षा शर्मा, रेखा, शिवानी और सोनू का विशेष योगदान रहा।
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महिलाओं को मिलेगा बल
बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष की प्रशिक्षु छात्रा अंकिता ठाकुर ने कहा कि अपराजिता मुहिम एक अच्छी पहल है। इससे महिलाओं को बल मिलेगा और नारी गरिमा को बरकरार रखने में यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।
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महिला सशक्तीकरण अहम मुद्दा
बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की प्रशिक्षु छात्रा आक्षी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण एक अहम मुद्दा है। पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को बराबरी का हक नहीं मिल पा रहा है, जबकि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं।
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नारी गरिमा की प्रति करेंगे जागरूक
बीएससी नर्सिंग की तृतीय वर्ष की प्रशिक्षु अक्षमा का कहना है कहा कि अमर उजाला के अपराजिता अभियान से जुड़कर अच्छा लगा। अपने परिवार के साथ रिश्तेदारों और दोस्तों को भी नारी गरिमा के सम्मान के लिए प्रेरित करूंगी।
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अधिकारों के प्रति जागरूक होना जरूरत
बीएससी नर्सिंग चतुर्थ वर्ष की प्रशिक्षु छात्रा आकांक्षा ने कहा कि महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार नहीं मिल सके हैं। आए दिन दहेज हत्या, महिला उत्पीड़न और दुष्कर्म के मामले सामने आ रहे हैं। नारियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है।
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