मंडी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह के लिए राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल बनी मंडी संसदीय सीट में अहम भूमिका निभाने वाले वामपंथी भी सक्रिय हो गए हैं। चुनावी गर्माहट के बीच मंडी में रविवार को सीटू की राज्य कमेटी की बैठक में केंद्र और राज्य सरकार को नाकाम करार देते हुए भाजपा के खिलाफ विरोध का झंडा बुलंद कर दिया है।
बैठक में राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने शिरकत करते हुए सीटू मजदूरों से भाजपा उम्मीदवारों के खिलाफ मतदान करने की अपील कर डाली है। 17 विधानसभा क्षेत्रों में वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों की अच्छी खासी तादाद है। ऐसे में वामपंथियों पर दोनों दलों की नजरें टिकी है कि आखिर इनका साथ किसे मिलेगा।
मंडी में आयोजित बैठक में भाजपा के खिलाफ मतदान करने की अपील कर राज्य अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। कहा कि केंद्र सरकार ने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर दिया है। काम का समय आठ घंटे से बढ़ाकर बारह कर दिया है। छंटनी की पूरी छूट कंपनियों को दे दी गई है। स्थायी के स्थान पर ठेके पर रोजगार देने की नीति लागू की जा रही है। इससे मजदूरों का शोषण हो रहा है। महंगाई पर भी आड़े हाथों लिया।
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21 अक्तूबर, 26 नवंबर और एक दिसंबर को प्रदर्शन
राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन के विरोध में 21 अक्तूबर को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन होंगे। 26 नवंबर को दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के एक साल के मौके पर किसानों के समर्थन में खंड स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड की लचर कार्यप्रणाली के खिलाफ एक दिसंबर को निर्माण एवं मनरेगा मजदूर बोर्ड के राज्य कार्यालय शिमला में विरोध रैली आयोजित करने का भी फैसला मीटिंग में लिया गया।
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यह रहे मौजूद
बैठक में डा.ॅ कश्मीर ठाकुर, प्रेम गौतम, भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, राजेश शर्मा, रविंद्र कुमार, जगत राम, केबल सिंह, राजेश ठाकुर, कुलदीप सिंह, अजय, बिहारी सेवगी, मनोज, सुदेश, वीना देवी, खिमी देवी, कांता महंत, सरचंद, भूप सिंह, सुरेंद्र, गुरुदास वर्मा, विजय, पदम प्रभाकर आदि मौजूद रहे।