कहा- खेल विभाग की जमीन पर ही बनाया जा रहा इंडोर स्टेडियम
विकास का विरोध करने वाले कभी मंडी के हितैषी नहीं हो सकते
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। ऐतिहासिक पड्डल में प्रस्तावित इंडोर स्टेडियम का कुछ संस्थाओं की ओर से विरोध करने के बाद सदर के विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि खेल विभाग की जमीन पर इंडोर स्टेडियम बनाने का विरोध करना तर्क संगत नहीं है।
कहा कि आज के युवा नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देना का प्रयास किया है, ताकि राष्ट्रीय स्तर की सुविधा मिल सके और यहां से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकल सकें। शिवरात्रि और देवी-देवताओं के बैठने के स्थान को लेकर विरोध पर अनिल शर्मा ने साफ किया है कि शिवरात्रि के स्वरूप और देवी-देवताओं के बैठने के स्थान से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा रही। इंडोर स्टेडियम बनने से किसी भी देवी-देवता को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। देवी-देवताओं को इस इंडोर स्टेडियम में शिवरात्रि के दौरान उचित स्थान देकर बैठान की व्यवस्था की जाएगी, जिससे बारिश से भी बचाव होगा। एक ही छत के नीचे सभी देवताओं के दर्शन आम जनता कर सकेगी।
कहा कि रघुनाथ के पधर में प्रस्तावित खेल परिसर में कुछ निजी जमीन आने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा। ऐसा ही रती पुल के पास वन विभाग की तरफ से आपत्ति जताने के कारण वहां खेल परिसर बनाना संभव नहीं हो पा रहा है। केंद्र सरकार की तरफ से खेलो इंडिया स्कीम के तहत आया पैसा एक साल में नहीं खर्चा गया तो यह लैप्स हो जाएगा और दोबारा नहीं मिलेगा। मंडी जैसी जगह में इंडोर स्टेडियम आज की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि खेल से जुड़े लोग या खिलाड़ी इसका विरोध करते तो यह बात हजम करने लायक होती, लेकिन इसका विरोध ऐसे लोग कर रहे हैं, जिन्होंने अपने पूरे जीवन काल में मंडी के लिए कुछ नहीं किया। जब ऐसे किसी विकास कार्य की बात होती है तो वे उसका बेवजह विरोध करना शुरू कर खुद को मंडी का हितैषी साबित करना चाहते हैं। अगर विरोध करने वाले लोग इतने ही मंडी के हितैषी हैं तो बताएं मंडी में बिना पेड़ काटे कहां बड़ा इंडोर स्टेडियम बनाया जा सकता है।