कोठी गैहरी गांव में पहाड़ी दरकने से रसोईघर में आई दरारें।
रिवासलर (मंडी)। बल्ह क्षेत्र के गांव कोठी गैहरी में भारी बारिश के कारण पहाड़ी दरक गई है। इससे एक दर्जन मकानों को खतरा बन गया है। कुछ मकानों और गोशालाओं में दरारें आ गई हैं। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने दस परिवारों के मकान खाली करवा दिए हैं। उन्हें पंचायत भवन, रिवालसर गुरुद्वारा और स्कूल में ठहराया गया है। यहां खान-पान की भी उचित व्यवस्था की गई है।
बल्ह क्षेत्र के कोठी गैहरी गांव में शुक्रवार को मूसलाधार बारिश हुई। इस कारण पहाड़ी दरकने से गांव की विद्या देवी, तारा चंद, संजू, बल्लू राम, बिट्टू राम, धर्मी देवी और पंकज कुमार के घर खतरे की जद में आ गए हैं। विद्या देवी का रसोईघर, शौचालय और संजू की गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई है। विद्या देवी अब घर के बरामदे में रसोई चला रही है।
घरों में दरारें आने से लोगों ने रात भी जागकर बिताई। सुबह देखा तो जमीन एक फीट से अधिक धंस गई थी। अभी भी कुछ परिवार खतरे के साये में रहने को मजबूर हैं। यहां एक पुश्तैनी गुरुद्वारा भी क्षतिग्रस्त हुआ है। प्रभावित गांववासी संजू और चेतराम ने बताया कि अगर जमीन और धंसती है तो करीब एक दर्जन घर इसकी चपेट में आ जाएंगे। प्रभावितों ने प्रशासन और सरकार से उचित मुआवजे की गुहार लगाई है।
उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने कहा कि जमीन धंसने से करीब पांच मकान खतरे की जद में हैं। सात मकानों को नुकसान हुआ है। दस मकानों को खाली करवा कर लोगों को पंचायत घर, रिवालसर गुरुद्वारा और स्कूल में ठहरने के लिए कहा है ।
शनिवार को हल्का पटवारी और पंचायत प्रधान ने गांव का मौका किया है। जिस स्थान पर जमीन धंस रही है वहां तिरपाल बिछाने का प्रयास किया जा रहा है। सोमवार को वन विभाग, प्रशासन और लोनिवि की संयुक्त टीम घटना स्थल का दौरा करेगी।
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