अचेत अवस्था में पहुंचाया गया पीएचसी कलहणी, डॉक्टर बोले-जानकारी होने पर ही करें सेवन
संवाद न्यूज एजेंसी
थुनाग (मंडी)। बागाचनोगी उपतहसील की भाटकीधार पंचायत के कड़ाह रोपा गांव में जंगली मशरूम खाने से एक ही परिवार के पांच सदस्य गंभीर रूप से बीमार हो गए। पांच सदस्यों भदरू, प्रिया, रीता, मीनाक्षी, कपिल को अचेत अवस्था में पीएचसी कलहणी लाया गया है। इसमें से तीन सदस्यों प्रिया, रीता और कपिल को मंडी रेफर किया गया है, जबकि भदरू और मीनाक्षी का उपचार पीएचसी कलहणी में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार कड़ाह रोपा गांव के इस परिवार ने जंगली मशरूम लाए और रात में इसकी सब्जी बनाकर सेवन किया। सब्जी खाने से परिवार के सदस्यों को चक्कर आने की शिकायत हुई और अचेत हो गए। इसके बाद उन्हें 108 एंबुलेंस के माध्यम से पीएचसी कलहणी पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद तीन को मंडी रेफर किया गया।
बरसात के मौसम में जंगलों में उगने वाले यह जंगली मशरूम की अलग-अलग प्रजातियां प्योर ऑर्गेनिक होती है और इसमें विटामिन भी अधिक मात्रा में होती है। सही पहचान न होने के कारण यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। कुछ जंगली मशरूम में जहर होता है। अगर आप उन्हें खाते हैं, तो जहर से बीमार हो सकते हैं। इसे मशरूम विषाक्तता के रूप में जाना जाता है।
जानकारों का मानना है कि जंगली मशरूम, जिसे स्थानीय भाषा मे रोहाची, छाची, फुटु, छत्तरी, भिभौरा, छाती, कुकुरमुत्ता और ढिगरी आदि नामों से जाना जाता है, का औषधीय महत्व है। यह सही जानकारी और सही पहचान न होने पर जानलेवा हो सकते हैं। इसलिए जंगली मशरूम का सेवन करने से पहले इसकी जांच अवश्य कर लेनी चाहिए। इसके बाद इसे अच्छी तरह साफ कर लेना चाहिए, इसे नमक वाले पानी मे उबालकर इसके अंदर के जानलेवा कीटाणुओं और तत्वों को खत्म करने के बाद ही सब्ज़ी बनाकर खाना चाहिए। उधर, बीएमओ जंजैहली डॉ. पुष्प राज ठाकुर ने बताया कि जंगली उत्पादों की सही जानकारी पर ही लोग इनका सेवन करें।