मंडी। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के समापन समारोह में कहा कि हिमाचल प्रदेश के मेले एवं त्योहार अपने आप में अनूठे होेते हैं।
ये राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए हैं। उन्होंने कहा कि यहां के ऊंचे पर्वतों की भांति प्रदेश के लोगों का हृदय भी विशाल है। हिमाचल अपने स्नेहपूर्ण आतिथ्य-सत्कार के लिए जाना जाता है। लोगों की देवी-देवताओं में अटूट आस्था के कारण देवभूमि की महत्ता और भी बढ़ जाती है।
इस अवसर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री के अलावा मंडी नगर निगम की महापौर दीपाली जसवाल, उपमहापौर वीरेंद्र भट्ट, जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, बाल कल्याण परिषद की महासचिव पायल वैद्य भी मौजूद रहीं।
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200 पंजीकृत देवी-देवताओं ने बढ़ाई मेले की शोभा: डीसी
अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव की आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने राज्यपाल का स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पहली बार मेले में सात सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित की गई हैं और मेले में 200 पंजीकृत देवी-देवता शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि बजंतरियों के अनुदान एवं उनके राशन अनुदान तथा नजराना राशि में इस वर्ष आशातीत बढ़ोतरी की गई है। इसके अतिरिक्त खेल प्रतियोगिताओं की पुरस्कार राशि भी बढ़ाई गई। संवाद