18 घंटों से हो रही तेज बारिश से नदी-नाले उफान पर, लोगों ने जाग कर काटी रात
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मंडी-पठानकोट हाईवे पर जोगिंद्रनगर के हराबाग, गुम्मा और पधर उपमंडल के कोटरोपी में पहाड़ दरकने से सड़क पर फिर सफर जोखिम भरा हो गया है। जोगिंद्रनगर शहर से करीब 4 किलोमीटर दूर हराबाग के नागचला में हो रहे भूस्खलन से हाईवे कीचड़ और मलबे से लबालब हो गया है।
सड़क पर दलदल होने से रविवार को भी वाहन फंसते रहे। पहाड़ी दरकने से सड़क पर बड़े पत्थर गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। एनएचएआई की जेसीबी मशीनें 24 घंटे के लिए उच्च मार्ग पर तैनात हैं। हादसों की आंशका बढ़ने पर अब स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। इधर, गुम्मा के खानीनाले के रौद्र रूप को देखते हुए परिवहन निगम ने भी बस चालकों को एहतियात बरतने के आदेश दिए हैं।
छांणग के समीप पहाड़ी दरक रही है और कोटरोपी में भी हालात बिगड़ने लगे हैं। यहां पर एनएचएआई विभाग के माध्यम से पानी की निकासी के लिए बिछाए गए पाइप भी धंसना शुरू हो गए हैं। ऐसे में अगर बारिश जारी रहती है तो भारी नुकसान हो सकता है। शनिवार देर रात करीब 12 बजे से रविवार दोपहर तीन बजे तक जोगिंद्रनगर उपमंडल में बारिश जारी रही, इस कारण सरकाघाट की सड़क भी तालाब बन गई है। रेलवे स्टेशन, गरोडू, झलवान, भट्ठा और छतर गांवों तक बारिश का पानी स्टेट हाईवे की सड़क पर नाले की तरह बह रहा है। राजस्व प्रशिक्षण संस्थान के भवन में भी बारिश का पानी घुस जाने से अफरा-तफरी फैल गई। यहां पर सड़क किनारे मलबे के ढेर लग जाने से वाहनों को गुजरने में परेशानी पेश आई। इधर, लडभड़ोल में ब्यास, बिनवा, भराडू में रणा खड्ड, गुगली खड्डों में अचानक उफान आने से दहशत का माहौल है। शनिवार को रात लोगों ने जाग कर रात काटी है। लोक निर्माण विभाग जोगिंद्रनगर के अधिशासी अभियंता जेपी नायक ने बताया कि उपमंडल की 23 सड़कों पर यातायात बाधित हुआ है। एनएचएआई के साईट इंजीनियर साहिल जोशी ने बताया कि मंडी-पठानकोट हाईवे पर हराबाग, गुम्मा और कोटरोपी में पहाड़ दरकने की सूचना है। जेसीबी मशीनें 24 घंटे के लिए तैनात कर दी है, ताकि यातायात सुचारू रह सके।
जोगिंद्रनगर की गलू-बनेहड़ सडक़ पर भारी बारिश के बाद नाले में तबदील हुई सड़क। संवाद