मंडी। पीसमील वर्करों के समर्थन में बुधवार से तकनीकी कर्मचारी संगठन भी उतर गया है। कर्मचारी दो घंटे तक काम बंद करके पीसमील वर्करों के साथ हड़ताल में शामिल रहे। इससे निगम की गाड़ियों का कार्य पूरी तरह से बंद होने लगा है।
बुधवार को मंडी डिविजन में 700 रूटों में से करीब 26 रूट बाधित हुए। मंडी डिविजन के अधीन करीब 126 तकनीकी और 179 के करीब पीसमील वर्कर हड़ताल पर रहे। मंडलीय प्रधान रजत रावत ने बताया कि टूलडाउन हड़ताल 17वें दिन में प्रवेश कर गई है।
सरकार और प्रबंधन कोई फैसला नहीं ले पा रहे हैं। अब तकनीकी कर्मचारी संघ भी साथ में आ गया है। बुधवार को करीब 20 तकनीकी कर्मचारियों ने मंडी वर्कशॉप में पीसमील वर्करों के साथ दो घंटे की टूलडाउन हड़ताल में भाग लिया।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में परिवहन निगम की करीब एक हजार से अधिक बसें खड़ी हो चुकी हैं। अगर समय रहते प्रबंधन और सरकार कर्मचारियों की मांगों को नहीं मानते हैं तो वे जल्द ही उग्र आंदोलन पर उतर जाएंगे। इस मौके पर तकनीकी कर्मचारी संगठन के प्रदेशाध्यक्ष टेकचंद ठाकुर, जेसीसी मंडी इकाई के प्रधान निशार अहमद, पीसमील वर्कर तिलक राज, चंद्रमणी, टेक चंद, नरेश, लाल सिंह, अमर वालिया, उमेश शर्मा, कुशाल कुमार, सीताराम और अन्य मौजूद रहे।
आरएम गोपाल शर्मा ने बताया कि मंडी डिपो में बुधवार से करीब 20 तकनीकी कर्मचारी भी दो घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं। इससे काम और अधिक प्रभावित हो गया है। मंडी डिपो के 15 रूट बाधित हुए हैं। मंडी मंडल में केलांग, कुल्लू, लाहौल स्पीति, मंडी, सुंदरनगर, सरकाघाट और धर्मपुर रूट शामिल हैं।
मंडी डिपो में ये रूट बाधित
मंडी- चंडीगढ़
मंडी-राजगढ़
मंडी-माहूंनाग
मंडी- रिकांगपिओ
मंडी-शिमलीधार,
मंडी-डवाहण
मंडी-नसलोह-कुफरधार
मंडी-पतरौण-दुर्गापुर
मंडी-सेहली-पैडी बाया नेरचौक
मंडी-सरकाघाट
मंडी-रियागड़ी
मंडी-नवलाय
मंडी-बलद्वाड़ा
मंडी-कीपड़-मझवाड़
मंडी-कोट-कोटली
मंडी-मब वाया मझवाड़
मंडी डिविजन में पीसमील वर्करों की हड़ताल के कारण तकनीकी कर्मचारियों पर अधिक वर्क लोड पड़ रहा है। इसके चलते वे भी दो घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं। डिविजन में 26 के करीब बस रूट बाधित हो गए हैं। आने वाले दिनों में ऐसी ही स्थिति रही तो और अधिक रूट बाधित होने की संभावना है।
-संतोष कुमार, डीएम डिविजन मंडी
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