मंडी। आम लोगों पर गृहकर वसूली का हंटर चलाने वाली नगर परिषद मंडी रसूखदारों के रसूख की गिरफ्त में है। सामान्य परिवारों को नोटिस थमाकर पैसा वसूल करने का फार्मूला होटल कारोबारियों, बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और बडे़ भवन मालिकों पर लागू नहीं हो पाया है। नतीजतन दशकों से गृहकर पर कुंडली जमाए बैठे 80 के लगभग गृहकरदाताओं को इतने समय बाद नप मंडी पहली बार लीगल नोटिस जारी करेगी। वैसे तो शहर में कुल सात हजार से अधिक गृहकरदाता है। लेकिन, इन 80 गृहकरदाताओं का बकाया कुल गृहकर वसूली का 60 फीसदी है। पहले नप अपने स्तर पर नोटिस जारी कर गृहकर की उगाही करती थी। लेकिन, शहर में होटल व्यवसाय और बड़े भवन मालिक लगातार नप के नोटिस को अनदेखा कर रहे हैं। जिससे अब नप ने कोर्ट के माध्यम से नोटिस देने का निर्णय लिया है। इन रसूखदारों से डेढ़ करोड़ टैक्स वसूला नहीं जा सका है।
स्टोरी टू
शहर में गृहकर के थमाए जा रहे गलत बिल, वसूली बनी चुनौती
नौ माह में लक्ष्य से आधी गृहकर वसूल सकी नगर परिषद
शहर में कुल 7617 में से 3389 शहरियों ने चुकाया गृहकर
मंडी। नप मंडी अभी तक निर्धारित लक्ष्य से आधा गृहकर भी नहीं वसूल सकी है। शहर के कुल 7617 गृहकरदाता हैं। इस वर्ष नगर परिषद ने वर्ष 2016-17 में 2 करोड़ 71 लाख की गृहकर वसूलने का लक्ष्य रखा था। जिसमें सालों पुराना बकाया भी शामिल है। शहर में आम शहरी तो गृहकर अदा कर रहे हैं। लेकिन, होटल व्यवसाय से जुड़े कुछ गृहकरदाता नप के गले की फांस बन गए हैं।
नप अभी तक 4228 गृहकर दाताओं से गृहकर नहीं वसूल सकी है। दिसंबर माह तक नगर परिषद ने 3389 गृहकर दाताओं से कुल 96 लाख गृहकर वसूला है। लेकिन, सालों पुराना करोड़ों का बकाया इस कुल लक्ष्य के आंकड़े में जुड़ने से उगाही 50 फीसदी तक भी नहीं पहुंच पाई है। अब पुराने बकाए की वसूली के लिए नप ने कोर्ट के माध्यम से नोटिस देने का निर्णय लिया है।
गृहकर कम पेनल्टी लग रही ज्यादा
वर्ष 1998 में नप मंडी शहर में गृहकर लागू हुआ। तभी से बड़े भवन मालिकों और होटल व्यवसाय से जुड़े गृहकरदाताओं ने गृहकर चुकता नहीं किया। जिससे अब यह बकाया लाखों में पहुंच गया है। हालात यह हैं कि कइयों पर हर माह हजारों की पेनल्टी नप डाल रही है। जिससे गृहकर कम और पेनल्टी हर माह अधिक लग रही है। नप हर माह एक प्रतिशत पेनल्टी वसूल रही है। ऐसे में जिन गृहकरदाताओं का गृहकर बकाया लाखों में है। उनको पेनल्टी ही हजारों रुपये पड़ रही है।
ऑनलाइन दिया जा सकता है गृहकर
नप मंडी ने गत वर्ष ही ऑनलाइन गृहकर की प्रणाली को लागू कर दिया था। इसी प्रणाली के लिए गृहकर की उगाही के लिए अधिकृत नंबरों पर मैसेज भेजे जाते हैं। वहीं, नप की अधिकृत वेबसाइट पर गृहकर की पूरी जानकारी है। गृहकरदाताओं को नप ने यूनिक आईडी और पासवर्ड दिए हैं। बावजूद इसके गृहकर वसूलना नप के लिए गले की फांस बन गया है। कइयों को गलत बिल जारी हुए हैं। इन बिलों को नप दुरुस्त कर बांट रही है।
लीगल नोटिस देंगे : ईओ
ईओ नगर परिषद उर्वशी वालिया ने कहा कि अधिकतर गृहकरदाता समय पर गृहकर अदा कर रहे हैं। कुछ बिलों में गलतियां हो गई थीं। उन्हें सुधार कर फिर से बांटा जा रहा है। मार्च माह के अंत तक गृहकर वसूल लिया जाएगा। शहर में 70 से 80 ऐसे करदाता हैं जो सालों से गृहकर अदा नहीं कर रहे हैं। इन्हें नप अब कोर्ट के माध्यम से लीगल नोटिस जारी करेगी। इसके बावजूद यह गृहकर नहीं चुकाते हैं तो इनपर केस किया जाएगा।