मंडी। विशेष न्यायाधीश मंडी की अदालत ने चरस रखने के दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को 12-12 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 1.20 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने 14 माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भी सुनाई है। दोनों आरोपियों के कब्जे से 2.556 किलोग्राम चरस बरामद की गई थी।जिला न्यायवादी मंडी विनोद भारद्वाज ने बताया कि पांच फरवरी 2021 को अन्वेक्षण अधिकारी मुख्य आरक्षी अजय कुमार पुलिस थाना पधर अपनी पुलिस टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान वे न्यू पंजाबी रसोई कुफर्धार में नाकाबंदी के दौरान वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस बीच टिक्कन की तरफ से आ रही कार को चेकिंग के लिए रोका गया। गाड़ी के रोके जाने पर उसके अंदर ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति बैठा था। उसकी गोद में एक बैग था। व्यक्ति को पूछा गया कि बैग में क्या है तो वह संतोषजनक उत्तर न दे पाया। तलाशी लेने के बाद बैग के अंदर 2.556 किलोग्राम चरस बरामद हुई। इस पर पुलिस थाना पधर में अभियोग दर्ज किया गया। इस मामले की जांच अन्वेक्षण अधिकारी मुख्य आरक्षी अजय कुमार ने अमल में लाई। तफ्तीश पूरी होने पर मामले का चालान थानाधिकारी पधर ने अदालत में दायर किया।
अभियोजन पक्ष ने अदालत इस मामले में 13 गवाहों के बयान कलमबंद करवाए थे। इस मामले सरकार की पैरवी जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने की। अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने राकेश कुमार निवासी निवासी छोट्टी झारवाड और पवन कुमार निवासी बजोट को एनडीपीएएस एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत 12 वर्ष (प्रत्येक) के कठोर कारावास और 1.20 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।