भर्ती के लिए अब ये हैं नए प्रावधान
नए प्रावधानों के तहत प्रदेश सरकार जरूरत के अनुसार सरकारी सेवा में कार्यरत शिक्षकों से सीबीएसई से संबद्ध स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। शिक्षक आवेदन के दौरान अपनी पसंद के स्कूल का विकल्प भी दे सकेंगे। हालांकि, पसंद का स्कूल मिलने की गारंटी नहीं होगी। विभाग उपलब्ध रिक्तियों और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर अंतिम निर्णय लेगा। सीबीएसई से संबद्ध स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर कुछ माह पहले प्रदेश सरकार ने 5,623 सेवारत शिक्षकों को सब काडर के तहत नियुक्त करने की योजना बनाई थी। इसके लिए चयन परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें प्रदेशभर से 9,821 शिक्षकों ने हिस्सा लिया था। इसके लिए शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के माध्यम से परीक्षा ली गई थी।
मेरिट सूची में 6,084 शिक्षक शामिल हुए थे
मेरिट सूची में 6,084 शिक्षक शामिल हुए थे। इनकी काउंसलिंग के लिए निदेशालय ने शेड्यूल भी जारी कर दिया था। बाद में पंचायतीराज चुनाव का हवाला देते हुए शेड्यूल वापस ले लिया। बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। हालांकि 147 प्रिंसिपलों की काउंसलिंग कर निदेशालय ने मेरिट पर सीबीएसई स्कूल भी आवंटित कर दिए हैं। पुरानी योजना के तहत चयन परीक्षा और मेरिट को नियुक्ति प्रक्रिया का प्रमुख आधार माना गया था। अब सरकार की ओर से नियमों में किए गए संशोधन के बाद पहले से चल रही प्रक्रिया का स्वरूप भी बदल गया है।
पहले से तैनात शिक्षक भी रह सकेंगे
-नए नियमों में यह प्रावधान भी रखा गया है कि किसी स्कूल में पहले से कार्यरत शिक्षक को प्रशासनिक रूप से उपयुक्त पाए जाने पर वहीं बनाए रखा जा सकता है। यानी हर स्थिति में मौजूदा शिक्षक को हटाकर नए शिक्षक की तैनाती करना जरूरी नहीं होगा। इससे स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में पहले से काम कर रहे शिक्षकों की स्थिति भी नई व्यवस्था में सुरक्षित रखने का रास्ता खुला है। अधिसूचना में सरकार ने नियुक्ति के विकल्प भी खुले रखे हैं। आवश्यकता होने पर सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति सीधी भर्ती या स्थानांतरण के माध्यम से की जा सकेगी।