कुल्लू। मनाली-दिल्ली हाईवे पर मंडी जिले के सात मील में पहाड़ी से बार-बार भूस्खलन हो रहा है। इसके चलते सड़क पर वाहनों के पहिये थम रहे हैं। मंडी के सात मील में बुधवार देर शाम भी भूस्खलन हुआ, जिससे एचआरटीसी कुल्लू की दो वोल्वो बसें फंस गई थी। इसके अलावा मनाली से चंडीगढ़ जाने वाली वोल्वो भी गंतव्य नहीं जा सकी। यह मनाली से रवाना हुई थी, लेकिन सात मील में सड़क बंद होने के कारण इसे कुल्लू में ही खड़ा करना पड़ा।
एचआरटीसी कुल्लू डिपो की बुधवार शाम पांच और साढ़े छह बजे मनाली से दिल्ली जाने वाली दो वोल्वो बसें सात मील में रात भर फंसी रही। इनमें करीब 124 सवारियां थी। हालांकि तीन घंटे के बाद इन सवारियों को मणिकर्ण से दिल्ली जाने वाली सेमी डिलक्स बस में भेजा गया। इस बस को सात मील से वाया चेलचौक, नेरचौक होते हुए दिल्ली भेजा गया। दोनों वोल्वों बसें 16 घंटे के बाद वापस कुल्लू पहुंच सकी। इसके अलावा मनाली से चंडीगढ़ जाने वाली वोल्वो को कुल्लू बस अड्डे पर ही खड़ा किया है। सड़क तंग होने के कारण वोल्वो बसों को इस रूट से नहीं भेजा जा सका। गौरतलब है कि औट से मंडी तक हाईवे पर जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। इस हाईवे पर हादसा होने का खतरा बना हुआ है। सात मील में बुधवार देर शाम पहाड़ी से भूस्खलन हुआ। हाईवे पर मलबा आने के कारण वाहनों की आवाजाही ठप रही है। रात नौ बजे मनाली से चंडीगढ़ जाने वाली वोल्वो बस को कुल्लू बस अड्डा में खड़ा किया गया। उधर, इस संबंध में बस अड्डा प्रभारी टेक चंद ठाकुर ने कहा कि मनाली से दिल्ली जाने वाली दो वोल्वो बसों को सात मील से वीरवार सुबह 11:30 बजे वापस कुल्लू बुलाया गया है। सवारियों को सेमी डिलक्स बस से वाया चेलचौक होते हुए दिल्ली पहुंचाया गया।