संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू/खराहल। सब्जी मंडियों में लाल टमाटर के दामों में 50 फीसदी गिरावट आई है। इससे घाटी के किसान मायूस हैं। मंडियों में टमाटर महज 10 से 15 रुपये प्रति किलो और छोटा टमाटर कौड़ियों के भाव बिक रहा है। ऐसे में किसानों का बीज, खाद और दवाइयों पर खर्चा भी नहीं निकल पा रहा है।
सेब सीजन के बीच टमाटर के दाम गिरने से किसानों को घाटा उठाना पड़ा है। गौर रहे कि इस बार विभिन्न मंडियों में टमाटर के दाम किसानों को आशा के अनुरूप नहीं मिले हैं। बंदरोल सब्जी मंडी में टमाटर की 10 से 14 रुपये प्रति किलो तक बोली लगी। मीडियम साइज का टमाटर 4 से 6 रुपये बिका। इसके अलावा छोटे साइज के टमाटर को दो रुपये किलो दाम मिला। महाराष्ट्र के नासिक के टमाटर ने देश की विभिन्न मंडियों में दस्तक दी है। यही वजह है कि हिमाचल के टमाटर के रेट गिर गए हैं। घाटी के टमाटर उत्पादक ज्ञान ठाकुर, अमित, सतीश, चमन, वीर सिंह, सुरेश पुजारी, देवराज ठाकुर, रूम सिंह, संजीव शर्मा, कर्मचंद ने कहा कि सब्जी मंडी में टमाटर की कीमतों में 50 फीसदी से अधिक गिरावट आ गई है। ऐसे में किसानों को खेती पर किया खर्चा भी पूरा नहीं हो रहा है। जिले में करीब 1200 हेक्टेयर पर टमाटर का उत्पादन हो रहा है। उधर, इस संबंध में बंदरोल आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन लाल ठाकुर ने कहा कि टमाटर 10 से 12 रुपये तक बिका है। अब महाराष्ट्र का टमाटर देश की विभिन्न मंडियों में आने लगा है। इससे दामों में गिरावट दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में टमाटर के दाम बढ़ने के आसार हैं।