कुल्लू। स्थान बिजली महादेव, दिन सोमवार समय सुबह सात बजे। सावन महीने के पहले सोमवार को घाटी के प्रसिद्ध शिवालय बिजली महादेव में श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ के दर्शन किए। भारी बारिश भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक पाई। बारिश में भीगते हुए पंजाब, मंडी, लाहौल-स्पीति सहित विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालु 7874 फीट की ऊंचाई पर स्थित बिजली महादेव मंदिर पहुंचे। पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
कुल्लू में बरसात के चलते सुबह चार बजे से बारिश का क्रम शुरू हो गया था। लेकिन सुबह छह बजे के बाद बारिश ने और रफ्तार पकड़ी। बिजली महादेव मंदिर के द्वार सुबह सात बजे खोल दिए गए। इसके बाद मंदिर में सुबह की पूजा की तैयारियां शुरू हुई। मंदिर में बिजली महादेव के पुजारी ने देव परंपरा के अनुसार पूजा की। इस दौरान शंख, घंटी की ध्वनियों से पूरा मंदिर गूंज उठा। मंदिर पूजा का क्रम पूरा 7:30 बजे तक पूरा हुआ। इसके बाद मंदिर में दर्शनों का सिलसिला आरंभ हुआ। सुबह 9:00 बजे तक श्रद्धालु मंदिर में पहुंचने शुरू हो गए थे। हालांकि तब तक बारिश भी और तेज हो गई। बारिश की परवाह किए बगैर श्रद्धालु कुल्लू-बिजली महादेव सड़क के आखिरी पड़ाव धार्ठ से करीब साढ़े तीन किलोमीटर सीधी चढ़ाई चढ़कर बिजली महादेव पहुंचे। सुबह 11:30 बजे तक मंडी, पंजाब और स्थानीय श्रद्धालु भी बारिश में भीगते हुए बिजली महादेव पहुंचे। हालांकि बारिश भी रुकने का नाम नहीं ले रही थी। दोपहर 12:00 बजे बौद्घ धर्म के अनुयायी लामा ने भी बिजली महादेव के दर्शन किए। लामाओं ने बौद्घ धर्म के अनुुसार बिजली महादेव की पूजा की। दोपहर करीब 1:30 बजे तक बारिश का क्रम रुक गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर दर्शनों का सिलसिला शाम करीब 7:00 बजे तक चलता रहा। बारिश के चलते यहां न तो भीड़ लगी और न ही दर्शनों के लिए कतारें। कोरोना के चलते इस बार सावन महीने में मंदिरों में भंडारा नहीं लग पाएगा। सावन के पहले सोमवार में बारिश का प्रकोप रहने से स्थानीय दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा है। बिजली महादेव के कारदार अमरनाथ नेगी ने कहा कि बिजली महादेव आने वाले श्रद्धालुओं से सफाई का ध्यान रखने की अपील की गई है।
बिजली महादेव से लिया आशीर्वाद
बिजली महादेव के दर्शन करने पहुंचे खराहल घाटी के लौमीझौड़ गांव के संजीत ने कहा कि सावन के पहले सोमवार को महादेेव के दर्शनों का विशेष लाभ मिलता है। बारिश की परवाह किए बिना बिजली महादेव के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
भोले के दर्शन से आत्मा तृप्त
पंजाब के भटिंडा निवासी सोनू ने कहा कि पहली बार बिजली महादेव आए। यह धार्मिक स्थल काफी खूबसूरत है। यहां दर्शन करने का मौका किस्मत वालों को ही मिलता है। भोले के दर्शन कर आत्मा तृप्त हुई। यह क्षण उनके लिए यादगार रहेगा।
मंदिर में दूसरी बार भी जरूर आएंगे
पंजाब के रामपुरा निवासी संदीप ने कहा कि वह पहले मनाली जा रहे थे। लेकिन बाद में उन्होंने सोमवार को बिजली महादेव जाने का मन बनाया। भोले के दर्शनों के बाद अच्छा महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब यहां दूसरी बार भी जरूर आएंगे।
श्रद्धालुओं का उत्साह नहीं हुआ कम
मणिकर्ण के पूर्ण चंद ने कहा कि बिजली महादेव देव आस्था से जुड़ा हुआ स्थान है। सावन के महीने में यहां हजारों लोग महादेव के समक्ष शीश नवाते हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।
भूतनाथ मंदिर में किया जलाभिषेक
कुल्लू। शहर कुल्लू के ब्यासा मोड़ स्थित भूतनाथ मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर कई श्रद्धालुओं ने माथा टेका। इसके साथ शिवलिंग का जलाभिषेक किया। यहां महिलाओं ने भजन-कीर्तन भी किया, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया। भूतनाथ मंदिर, गौरी शंकर मंदिर दशाल, शिव मंदिर मणिकर्ण, बजौरा आदि में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं के दर्शनों का सिलसिला चलता रहा।