कुल्लू। जिले में प्लम और नाशपाती के सीजन ने रफ्तार पकड़ी है। सब्जी मंडियों में रोजाना फसल की 30 से 35 हजार क्रेट पहुंच रही हैं। प्लम और नाशपाती की अधिक खेप पहुंचने के कारण दामों में 30 फीसदी तक कमी आई है।
सब्जी मंडियों में सोमवार को मैरीपोजा प्लम 40 रुपये और नाशपाती 51 रुपये प्रति किलो बिकी है। सीजन के गति पकड़ते ही दामों में गिरावट आने से बागवानों की चिंता बढ़ने लगी है। स्थानीय सब्जी मंडियों में फसल के दाम लगातार गिर रहे हैं। इसका कारण मंडियों में अधिक फसल पहुंचने का हवाला दिया जा रहा है। घाटी की बंदरोल, भुंतर, अखाड़ा बाजार, बंजार, मनाली मंडी में हजारों की संख्या में मैरीपोजा प्लम और नाशपाती की क्रेट पहुंची हैं। बागवानों को उम्मीद के मुताबिक दाम नहीं मिल पाए। गौरतलब है कि मैरीपोजा प्लम सीजन के शुरूआती दिनों में 70 रुपये प्रति किलो तक बिका है। लेकिन पिछले तीन-चार दिनों से मैररीपोजा 35 से 40 रुपये के भाव से बिक रहा है। नाशपाती के दामों में भी 20 से 25 रुपये प्रति किलो तक गिरावट आई है। इन दिनों बढ़िया नाशपाती महज 45 से 51 रुपये प्रति किलो तक ही बिक रही है। इसके चलते बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बागवान मोहर सिंह, चमन लाल, दुनीचंद, बुधराम, निमत सिंह, चुनी लाल ने कहा कि नाशपाती और मैरीपोजा प्लम के दामों में लगातार कमी आ रही है। दामों में उछाल के बजाय कमी आना बागवानों के लिए परेशानी बन गया है।
मौसम परिवर्तन से मांग में आई कमी
कुल्लू और स्नोअर वैली आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष खुशहाल ठाकुर ने कहा कि एक सब्जी मंडी में ही रोजाना प्लम और नाशपाती की हजारों क्रेट पहुंच रही हैं। मौसम परिवर्तन के कारण इन फलों की मांग में कमी देखने को मिली रही है। इसके अलावा अधिक फसल मंडियों में आने से कीमत में गिरावट आई है।