भारी बारिश और बढ़े जलस्तर के बीच पर्यटन विभाग का फैसला
मौसम सामान्य होने तक साहसिक गतिविधियां बंद कारोबार पर पड़ा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मौसम के बिगड़े मिजाज के बाद जिले में साहसिक पर्यटन गतिविधियां ठप हो गई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), केंद्र शिमला ने प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां जारी रहने और कुल्लू जिले सहित प्रदेश के विभिन्न भागों में भारी वर्षा और गरज-चमक की संभावना व्यक्त की है। इस कारण पर्यटन विभाग ने ब्यास नदी में राफ्टिंग गतिविधियों पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है।
इससे रायसन से लेकर बजौरा तक चिह्नित स्थानों पर तुरंत प्राभाव से राफ्टिंग गतिविधियां रोकने को कहा है और पर्यटन से जुडे़ लोगों ने भी गतिविधियों को रोक दिया है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी डॉ. रोहित शर्मा ने सभी राफ्टिंग एसोसिएशनों और संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे अगले आदेशों तक जिले के किसी भी राफ्टिंग स्थल पर राफ्टिंग गतिविधियां संचालित न करें। उन्होंने कहा कि खराब मौसम और नदी में बढ़े जलप्रवाह के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने लगातार हो रही बारिश और ब्यास नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए जिले में संचालित सभी राफ्टिंग गतिविधियों को अगले आदेशों तक अस्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार लगातार वर्षा के कारण ब्यास नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है तथा नदी का पानी अत्यधिक मटमैला हो गया है, जिससे राफ्टिंग करना असुरक्षित है।
विभाग और प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास एवं पंजीकरण अधिनियम-2002 तथा हिमाचल प्रदेश रिवर राफ्टिंग नियम-2005 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।