कुल्लू। जिले की फल मंडियों में रॉयल सेब के दामों में लगातार गिरावट आ रही है। पिछले एक सप्ताह में सेब का भाव 15 रुपये किलो तक कम हुए हैं।
सोमवार को सेब 60 से घटकर 55 रुपये किलो बिका। सीजन के आखिरी चरण में सेब के दाम गिरने से बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि, सीजन की शुरुआत से मध्य तक सेब के दामों में उतार-चढ़ाव जारी रहा। इसके चलते कुछ हद तक मार्केट स्थिर रही, लेकिन अंतिम चरण में बेहतर और उच्च गुणवत्ता वाले रॉयल सेब के दाम लगातार गिरे हैं। इसके पीछे कश्मीर के सेब को वजह बताया जा रहा है। कश्मीरी सेब की बड़ी फल मंडियों में दस्तक का असर की स्थानीय मंडियों में पर भी दिखने लगा है।
गौरतलब है कि निचले और मध्यम क्षेत्रों में सीजन लगभग समाप्त हो गया है। घाटी में अब महज ऊंचाई वालों क्षेत्रों में ही सेब की फसल शेष है। इन क्षेत्रों के बागवान भी दशहरा से पूर्व सीजन निपटाने की कोशिश में लगे हैं। रोजाना जिले की बड़ी फल मंडी बंदरोल और भुंतर में रॉयल सेब की 5000 से 6000 क्रेट पहुंच रही हैं, लेकिन सेब के अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं। बागवान दिले राम, मोहन लाल, प्रकाश चंद, गिरधारी लाल, अमन ने कहा कि इस सीजन बागवानों को सेब के दाम उम्मीद से काफी कम मिले हैं। बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सब्जी मंडी बंदरोल के अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से रॉयल सेब के दामों में लगातार गिरावट आ रही है। सोमवार को बेहतर व उच्च गुणवत्ता वाला रॉयल सेब 55 रुपये प्रति किलो बिका है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी दिनों में दामों में इजाफा होगा।
--