लाहौल के उदयपुर क्षेत्र में चौखंग से नैनगार के लिए बनाया मार्ग।
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। पिछले दिन लाहौल घाटी के कई हिस्सों में आई बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हो गया। घाटी के कई इलाके अभी तक जिला मुख्यालय से कटे हुए हैं। बीआरओ और लोनिवि चिनाब डिवीजन ने मार्ग बहाली कार्य तेज कर दिया है।
पवित्र नीलकंठ झील की तरफ जाने वाली चौखंग नैनगार सड़क का लगभग डेढ़ किमी हिस्सा बाढ़ में बह गया था। इससे करीब एक सप्ताह तक नैनगार, छोगजिंग और गवाड़ी गांव का सड़क संपर्क कटा रहा। लोनिवि ने कड़ी मशक्कत के बाद अस्थायी सड़क बना कर तीनों गांव का संपर्क शेष घाटी से जोड़ दिया है। लेकिन यह अस्थायी मार्ग बाढ़ और भूस्खलन के कारण फिर ढह सकता है। लिहाजा विभाग अब चौखंग से नैनगार के बीच स्थायी सड़क बनाने की योजना बना रहा है। विभाग के सहायक अभियंता केडी कश्यप ने बताया कि बाढ़ के कारण डेढ़ किलोमीटर से भी अधिक सड़क पूरी तरह बाढ़ में बह गई है। विभाग के अधिशासी अभियंता बीएस नेगी ने बताया कि मयाड़ और चौखंग क्षेत्र में बाढ़ से पुलों और सड़कों को हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को भेज दी है। बजट का प्रावधान होते ही स्थायी सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। विभाग ने किसानों की नगदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए फिलहाल अस्थायी सड़क का निर्माण किया है। इसके लिए विभाग के अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों ने दिन रात कड़ी मेहनत की है।