कुल्लू के डिपुओं से मिला घटिया किस्म का आटा।
कुल्लू। जिले के डिपुओं में उपभोक्ताओं को घटिया किस्म का आटा दिया जा रहा है। आटे की रोटियां बनाने के बाद काली पड़ रही है। साथ ही रोटियां कुछ समय में ही सख्त हो रही है। बदाह, लगघाटी, खराहल सहित कई क्षेत्रों से घटिया आटा मिलने की शिकायतें आई हैं। उपभोक्ता डिपुओं में मिल रहे घटिया आटे से परेशान हैं। इसके बावजूद विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है।
आटा इतना खराब है कि यह खाने योग्य नहीं है। ऐसे में अब उपभोक्ता निजी दुकानों से महंगा आटा खरीदने के लिए मजबूर हैं। इससे पहले भी डिपुओं में खराब आटे की शिकायतें मिल चुकी हैं। ऐसे में डिपुओं में मिलने वाले आटे पर सवाल भी उठने लगे हैं। डिपुओं में आटे की खराब सप्लाई आने से घाटी के उपभोक्ताओं में रोष है। उपभोक्ताओं का कहना है कि डिपुओं में उच्च गुणवत्ता वाला आटा नहीं मिल रहा है। शिकायत के बावजूद डिपुओं में खराब आटा ही मिल रहा है। गौर रहे कि जिला कुल्लू में करीब 400 से अधिक डिपो हैं। साथ ही करीब सवा लाख कार्ड धारक हैं। इनमें करीब पांच लाख की आबादी सरकारी राशन के डिपुओं से लाभान्वित होती है। उपभोक्ता नीरज कुमार, रवि, शालिनी, कंचन, अनिता, रुकमणि, सोनिका ने कहा कि इस बार डिपुओं में घटिया किस्म का आटा वितरित किया गया है। रोटी बनाने पर यह काली होने के साथ सख्त हो रही है। इससे इसे खाना भी मुश्किल हो रहा है। डिपुओं में मिलने वाले आटे का स्तर दिन-प्रतिदिन गिरता ही जा रहा है। इससे पहले भी डिपुओं में मिलने वाले राशन को लेकर सवाल उठ चुके हैं। कभी डिपुओं में नमक तो कभी अन्य सामान की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ रही है। लेकिन खाद्य एवं आपूर्ति विभाग नियमित तौर पर राशन की गुणवत्ता की जांच नहीं कर रहा है। इसके कारण लाखों उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ता है। डिपुओं में दिए जा रहे घटिया आटे से लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इससे पहले भी सरकारी डिपुओं में घटिया आटा व चावल की शिकायतें आ चुकी हैं। उन्होंने मांग की है कि डिपुओं में घटिया किस्म का आटा न दिया जाए। घटिया आटे को वापस लिया जाए। लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने की बजाय अच्छी गुणवत्ता वाला आटा दिया जाए।
अगर डिपो में घटिया आटा दिया जा रहा है, तो इसके सैंपल लिए जाएंगे। विभाग को इस बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है।
-शिव राम, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक