कुल्लू। जिया से रामशिला के बीच देवधार में भूस्खलन से हाईवे-तीन के बाधित होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। यहां पर भूस्खलन का सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। भूस्खलन का मलबा हाईवे के बीचोंबीच आने से यहां एकतरफा वाहनों की आवाजाही 12 घंटे तक बंद रही।
फोरलेन की दूसरी लेन से वाहन रामशिला से कुल्लू की तरफ और कुल्लू से मनाली की तरफ चलते रहे। एक सप्ताह पहले भी देवधार में भूस्खलन से हाईवे बाधित हुआ था। फोरलेन के चलते देवधार गांव के करीब दर्जन परिवार उजड़ चुके हैं। भूस्खलन की समस्या का अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है।
आईआईटी रुड़की की टीम ने यहां सैंपल भरे थे लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे लोगों में रोष है। साथ ही वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हादसों की भी आशंका बनी रहती है। देवधार में करीब एक किलोमीटर के दायरे में पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन के चलते सड़क तंग हो गई है। फोरलेन का यह क्षतिग्रस्त हिस्सा एनएचएआई के लिए भी परेशानी का सबब बना हुआ है।
रामशिला से भूतनाथ पुल के बीच के हिस्से में भूस्खलन रोकने के लिए कोई भी तकनीक काम नहीं आई। आईआईटी रुड़की की टीम ने एक प्लान तैयार किया था लेकिन प्लान पर एनएचएआई ने काम नहीं किया। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। हाईवे के बार-बार बाधित होने से हादसों की भी आशंका बढ़ रही है। एसडीएम सदर विकास शुक्ला ने कहा कि फोरलेन को सुचारु रखने के लिए एनएचएआई को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। संवाद