संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। राजकीय डिग्री महाविद्यालय कुल्लू जिले का सबसे पुराना कॉलेज है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत कॉलेज को जिला का क्लस्टर महाविद्यालय बनाया जाएगा। कॉलेज में 5779 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उनकी मांग को पूरा करते हुए इसी सत्र से एमटीए की कक्षाओं के साथ एमए हिंदी और संस्कृत की कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी। यह घोषणा शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने रविवार को राजकीय डिग्री महाविद्यालय कुल्लू के सृजन कार्यक्रम में की। मंत्री ने महाविद्यालय कुल्लू के 4.47 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले इंडोर स्टेडियम की आधारशिला रखी। 10 लाख लागत के बास्केटबाल कोर्ट का लोकार्पण किया। कहा कि कॉलेज में इंडोर स्टेडियम की मांग लंबे समय से चली आ रही थी। इसके निर्माण के लिए पूरी धनराशि बीएसएनएल को सौंप दी है। यह एक साल के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कॉलेज परिसर में पार्किंग का निर्माण होगा। विद्यार्थियों की मांग पर महाविद्यालय में युवाओं के प्रेरणा रहे स्वामी विवेकानंद की मूर्ति की स्थापना की जाएगी। कॉलेज को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा प्रदान करने पर एक करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है, जो कॉलेज के विकास के लिए उपयोग की जाएगी। मंत्री ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को देश में सबसे पहले हिमाचल प्रदेश में धरातल पर उतारने का तेजी से काम हुआ है। सरकारी और निजी स्कूलों में अंतर नहीं रहेगा। सरकारी स्कूलों में प्री नर्सरी के लिए बच्चे का दाखिला तीन साल की आयु में होगा और 10 जमा दो के बजाय अब पांच जमा तीन जमा जमा तीन और जमा चार साल में स्नातक पूरी होगी। 18 साल की आयु में 12वीं कक्षा पास होगी। विषय कभी भी बदलने का विकल्प रहेगा और पढ़े हुए विषय का डिप्लोमा प्रमाण पत्र अथवा डिग्री मिलेगी। विधायक सुरेंद्र शौरी, कॉलेज प्राचार्य डॉ. रोशन लाल, रजनी ठाकुर, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, धनेश्वरी ठाकुर, शिव शरण चौहान, युवराज बौध, ठाकुर चंद, पीटीए अध्यक्ष श्याम कुल्लवी, तरुण बिमल, मनीषा सूद, वर्षा ठाकुर, रूकमणी मुकेश ठाकुर और अरुण कंबोज आदि मौजूद रहे।
कुल्लू के आसपास बनेगा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
मंत्री गोविंद ठाकुर ने पतलीकूहल में हंस फाउंडेशन के नाम से मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल खोला जाएगा। अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। कहा कि कुल्लू के आसपास एक चैरिटेबल अस्पताल बनाया जाएगा। इसमें भी सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। अस्पताल के लिए कम से कम 100 बीघा भूमि की तलाश की जा रही है।