कुल्लू। देश-विदेश के हजारों सैलानी कड़ाके की ठंड के बीच अटल टनल रोहतांग को पार कर लाहौल स्पीति की वादियों को निहार रहे हैं। यहां तापमान शून्य से भी नीचे हैं। वीरवार से शुक्रवार सुबह तक अटल टनल से 4003 वाहन आर-पार हुए हैं।
इनमें 1327 वाहन सैलानियों के थे। लाहौल पहुंच रहे हजारों पर्यटकों से घाटी के कारोबारी गदगद हो गए हैं। लाहौल, रोहतांग, ग्रांफू और कोकसर में सैलानी बर्फ के बीच खूब मस्ती कर रहे हैं। कुछ सैलानी परिवार के साथ पहुंचे हैं। सैलानी स्नो स्की का लुत्फ उठा रहे हैं। बता दें कि 13058 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रे में पर्यटकों की आवाजाही प्रशासन ने सुचारु रखी है। प्रशासन ने बर्फबारी होने तक रोहतांग दर्रे को सैलानियों के लिए बहाल रखा है। इससे पहले प्रशासन ने निर्णय लिया था कि 16 नवंबर तक ही सैलानी ऑनलाइन परमिट लेकर रोहतांग जा सकेंगे, लेकिन अब मौसम साफ रहने तक दर्रा सैलानियों के लिए खुला रहेगा। उधर, पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा ने अटल टनल से 4003 वाहनों के आरपार होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इसमें 1327 वाहन सैलानियों के थे।
--
सैलानियों की पहली पसंद बना लाहौल और रोहतांग
देश-विदेश से कुल्लू-मनाली आने वाले सैलानियों के लिए लाहौल और रोहतांग दर्रा इन दिनों पहली पसंद बना हुआ है। इन दिनों बर्फ के दीदार करने के चलते सैलानी रोहतांग का रुख कर रहे हैं। लाहौल-स्पीति के कारोबारी, सुरेश, सुरजीत और सचिन ने बताया कि घाटी में पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है। इससे कारोबार भी रफ्तार पकड़ रहा है। आने वाले दिनों में पहाड़ों में और बर्फबारी होती है तो काम और गति पकड़ेगा।
--
इन वादियों को निहार रहे सैलानी
रोहतांग से आगे पर्यटक कुल्ती नाला के ग्लेशियर, कोकसर में गुफा के अंदर विद्यमान बौद्ध गोंपा, सिस्सू पहुंचने पर खूबसूरत झील के साथ प्राकृतिक सौंदर्य को निहार रहे हैं। पाह लामो धारा की वाटर फॉल, शाशीन स्थित लाहौल के अधिपति देवता राजा घेपन, तांदी संगम में चंद्रभागा नदी, चिनाब की धारा, त्रिलोकी नाथ मंदिर, जिला मुख्यालय केलांग के साथ शंशुर और करदंग गोंपा, तोदघाटी में गेमुर गोंपा और जिस्पा फोटंग जहां दलाई लामा की ओर से कालचक्र अभिषेक किया था, का दीदार कर रहे हैं।
--