कुल्लू/बंजार। बंजार की पलाईच घाटी के अधिष्ठाता गढ़पति ईश्वर महादेव 32 साल बाद बंजार मेले की शोभा बढ़ाने पहुंचे हैं। बंजारवासियों ने उनका स्वागत किया। हजारों हारियानों के हर हर महादेव के उद्घोष से बंजार क्षेत्र गूंज उठा।
ढोल-नगाड़ों की थाप पर देवता महादेव मेला मैदान तक पहुंचे। देवता के साथ नरसिगों की मंगलमयी ध्वनि भी गूंजती रही। यहां पहुंचने पर महादेव ने क्षेत्र के अन्य देवी-देवताओं से मिलन किया। स्थानीय प्रशासन ने महादेव का भव्य स्वागत किया। अब ईश्वर महादेव तीन दिन तक मेला मैदान में ही विराजमान रहकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे।
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बता दें कि देवता ने कुछ माह पहले मेले में जाने की इच्छा जताई थी। इसका पालन करते हुए हारियान मेले में पहुंच गए। देवता के हारियानों के अनुसार 32 साल पहले ईश्वर महादेव बंजार अपने हारियानों के साथ बंजार मेले में आते थे। देवता शृंगा ऋषि और ईश्वर महादेव के आगमन से बंजार मेला शुरू हो जाता था, लेकिन काफी साल पहले किसी कारणवश देवलुओं ने महादेव को मेले में ले जाना बंद कर दिया था।
देवता के गूर भाग सिंह, भंडारी गुम्मत राम ने बताया कि ईश्वर महादेव अपने हारियानों के साथ बंजार मेले में आए हैं। अब तीन दिन तक देवता बंजार मेला मैदान में रहेंगे। बंजार मेला मैदान में सोमवार को देवता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। देवता ने कुछ भक्तों की समस्याओं का गूर के माध्यम से निवारण किया है। मेले में 12 से अधिक देवी-देवता शोभा बढ़ा रहे हैं।