ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में जाजुराना के सर्वे के दौरान टीम के सदस्य।
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विलुप्त हो रहे हिमाचल प्रदेश के राज्य पक्षी जाजुराना का विश्व धरोहर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क कुल्लू में कुनबा बढ़ने लगा है। एक साल के भीतर यहां जाजुराना की संख्या 63 से बढ़कर 70 पहुंच गई है। इसका खुलासा पिछले माह 26 और 27 अप्रैल को पार्क के प्रबंधन वर्ग की ओर से किए गए सर्वेक्षण में हुआ है। इससे माना जा रहा है कि इस वन्य प्राणी को कुल्लू का वातावरण रास आ रहा है।
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में जाजुराना की गणना के लिए कुल 18 स्टेशन चिह्नित किए गए हैं और सर्वेक्षण करने गई 12 टीमों ने 12 स्टेशनों में सर्वे किया, जिसमें एक साल में सात जाजुराना ज्यादा पाए गए। पार्क प्रबंधक ने जिन 18 स्टेशनों को गणना के लिए चुना है, उसका क्षेत्रफल करीब पांच किलोमीटर है। इन 18 स्टेशनों में अब जाजूराना की संख्या 70 पहुंच गई है। पार्क का कुल क्षेत्रफल 905.4 वर्ग किलोमीटर है और जाजुराना के रहने और प्रजनन के लिए लगभग 200 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र है।
ऐसे में पार्क क्षेत्र में जाजुराना की संख्या और अधिक होने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि दुनिया भर में जाजुराना की कुल संख्या 3500 है और इसमें सबसे अधिक संख्या विश्व धरोहर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में पाए जाने की संभावना है। पार्क के वनमंडलाधिकारी निशांत मंढोत्रा ने कहा कि दुनियाभर में विलुप्त हो रहे वन्य प्राणी जाजुराना की पार्क क्षेत्र में वृद्धि होना राहत की खबर है।
अप्रैल और मई में जाजुराना के प्रजनन का समय होता है। इस दौरान पार्क का यह क्षेत्र सैलानियों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया जाता है। जाजुराना की संख्या बढ़ने का कारण पार्क में अवैध शिकार पर लगी रोक भी है। वहीं पार्क क्षेत्र में नियमित रूप से गश्त रहती है और ट्रैप कैमरों से भी नजर रखी जा रही है।
- मीरा शर्मा, निदेशक, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क