कुल्लू। दशहरा उत्सव में वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद आने संबंधी निर्देश कई देवलुओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है। प्रशासन की ओर से देवी-देवताओं के साथ आने वाले देवलुओं को वैक्सीन की दोनों डोज लगाने के बाद ही ढालपुर मैदान में आने को कहा गया है। लेकिन कई देवलुओं ने वैक्सीन की पहली डोज कुछ समय पहले ही लगाई है। ऐसे में उनकी दूसरी डोज का समय नहीं हुआ है। लेकिन उनका दशहरा में देवता के साथ आना अनिवार्य है।
देवलुओं के पास देवता के निशान रहते हैं। देवता के लाव-लश्कर में यह निशान शामिल होते हैं। इसमें बंजतरी व देवता के अन्य कारकून शामिल होते हैं। रथ के साथ देवता का लाव-लश्कर भी चलता है। बिना लाव-लश्कर के देवता नहीं चलते हैं। ऐसे में देवलुओं के लिए पसोपेश वाली स्थिति बनी हुई है कि अगर वैक्सीन की डबल डोज नहीं लगाई तो दशहरा उत्सव में प्रवेश नहीं मिलेगा और उनके बिना देवता नहीं जाएंगे। देवलुओं ने इस समस्या का समाधान निकालने के लिए जिला प्रशासन से भी आग्रह किया है। कुछ देवलू मामले को लेकर उपायुक्त से भी मिले हैं। अगर प्रशासन ने ढील नहीं दी तो कई देवलुओं का दशहरे में देवता के साथ आना मुश्किल हो जाएगा।
मास्क पहनें और सफाई का भी रखें ध्यान : नारायण
जिला देवी-देवता कारदार संघ के महासचिव नारायण चौहान ने कहा कि दशहरा उत्सव कमेटी और सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। उन्होंने देवलुओं से आग्रह किया है कि वे मास्क पहनें और सफाई का भी ध्यान रखें।
दिशा-निर्देशों का करना होगा पालन : उपायुक्त
उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि वैक्सीन की डबल डोज लगवाने का देवी-देवताओं के देवलुओं से आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्सव में कोरोना को देखते हुए कुछ दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।