संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्रशिक्षुओं को आपातकालीन स्थिति में हेल्पलाइन नंबर पर 112 शिकायत करनी चाहिए। किसी तरह की छेड़छाड़ होने पर पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 1091 पर शिकायत करें।
अमर उजाला के अपराजिता 100-मीलियन स्माइल्स कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर चंद ने यह बात कही। इस कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के सभागार में किया गया। इसमें महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रशिक्षण संस्थान (एएनएम) गांधीनगर की प्रशिक्षुओं को जागरूक किया गया। प्रशिक्षुओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। कहा कि प्रशिक्षुओं को अपने अधिकारों के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए। बिना किसी दबाव के अपनी आवाज उठानी चाहिए। अगर कहीं अपराध हो रहा है तो इसकी सूचना पुलिस को दें। नशे से दूर रहकर अपना भविष्य संवारना चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चंद शर्मा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। पुलिस लोगों की मदद के लिए है। समाज में जितना हक पुरुषों का है, उतना ही महिलाओं का भी है। नाबालिगों की सुरक्षा के लिए पोक्सो एक्ट बनाया गया है। 18 वर्ष से कम उम्र के लड़का या लड़की के साथ इस तरह की घटनाएं होने पर सख्त कार्रवाई की जाती है।
बेटियां खिलखिलाती रहनी चाहिए : सुशील
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील चंद शर्मा ने कहा कि बेटियां सदैव खिलखिलाती रहनी चाहिए। उन्हें नशे से दूर रहना चाहिए। कहा कि कुल्लू में कुछ समय से लड़कियां भी नशे की चपेट में ज्यादा आ रही है, जो स्वास्थ्य के लिए घातक है। नशा शरीर को अंदर से खोखला कर देता है, इससे दूर रहने में ही भलाई है।
परिवार बनाने में महिलाओं की अहम भूमिका
सरकारी प्रशिक्षण संस्थान की प्रशिक्षु वैशाली ने कहा कि जिस समाज में नारी का सम्मान नहीं, वहां पर कभी विकास नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि एक महिला परिवार बनाने में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले कम नहीं आंकना चाहिए।
अपराजिता बनकर लोगों को करूंगी जागरूक
प्रशिक्षु अमिशा चंदेल ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन का अपराजिता कार्यक्रम सराहनीय है। इसमें अपने अधिकारों से लेकर सभी तरह की जानकारी मिली है। कहा कि वह स्वयं अपराजिता बनकर लोगों को भी जागरूक करेंगी।
समय-समय पर हों इस तरह के कार्यक्रम
प्रशिक्षु रीतिका ने कहा कि छात्राओं को जागरूक करने के लिए समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए। उन्हाेंने कहा कि अकसर देखा गया है कि महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी न होने से वे प्रताड़ना को सहन करती रहती है।
समाज के लिए नारी का शिक्षित होना जरूरी
प्रशिक्षु ऊषमा कुमारी ने कहा कि समाज के लिए नारी का शिक्षित होना जरूरी है। कई महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी ही नहीं है। कहा कि जब एक नारी कदम बढ़ाती है तो पूरा परिवार उसके साथ खड़ा होता है। इसलिए नारी का जागरूक होना जरूरी है।