लाहौल में 20 दिन बाद राजा घेपन, देवी बोटी और अठारह नाग देवता से बिछड़े के दौरान देव मिलन में उ
केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी के फूड़ा गांव में उस वक्त भावुक नजारा देखने को मिला जब राजा घेपन की रथयात्रा में शामिल हुई देवी हिडिंबा तीन साल के लिए जुदा हो रहीं थी। देव धुनों के बीच श्रद्धालुओं के जयकारे लगने शुरू किए। इसके बाद माता हिडिंबा अधिष्ठाता देवता राजा घेपन और देवी बोटी से तीन साल के लिए बिछुड़ गए।
देवी-देवताओं के बिछुडने से माहौल भावुक भरा हो गया और कई श्रद्धालुओं की आखों में आंसू तक आ गए। अब अक्तूबर-2026 को राजा घेपन की रथयात्रा के दौरान देवी हिडिंबा का मिलन होगा। बुधवार को फूड़ा गांव के समीप इस भावुक नजारे को देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं के भीड़ उमड़ी। कुल्लू और मनाली में रह रहे लाहौल के लोग भी इस पल को देखने के लिए पहुंचे थे।
लाहौल घाटी के अधिष्ठाता देवता राजा घेपन, देवी बोटी, देवता अठारह नाग और देवी हिडिंबा तीन साल तक के लिए एक-दूसरे से जुदा हो गए। फूड़ा गांव के समीप लोगों की भीड़ की मौजूदगी में राजा घेपन, देवी बोटी और अठारह नाग देवता ने देवी हिडिंबा को विदाई दी। 20 दिन पहले 16 नवंबर को ही देवी हिडिंबा राजा घेपन के रथयात्रा में शामिल हुई थी। उसके बाद से देवताओं ने त्रिलोकनाथ स्थित भगवान त्रिलोकीनाथ और उदयपुर में मां मृकुला से भी मिलन किया।
देवी हिडिंबा के गूर रणवीर ने बताया कि अब इन देवी-देवताओं और मानस का मिलने अक्तूबर-2026 में होगा। बता दें लाहौल घाटी के अधिष्ठाता देवता राजा घेपन 18 अक्तूबर से लाहौल की परिक्रमा पर हैं। इस रथयात्रा का समापन आठ जनवरी को होगा।