जिभी/बंजार (कुल्लू)। जिले के दुर्गम क्षेत्रों में आज भी लोग स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। घाटी की कई पंचायतों में मरीजों को मीलों दूर जाकर उपचार करना पड़ रहा है। उपमंडल बंजार की दो पंचायतों की जनता आज भी स्वास्थ्य सुविधा से वंचित है।
तीन कोठी सराज में आने वाली टील और सराज पंचायत के लोगों को साथ लगते मंडी जिले के गाड़ागुशैणी जाकर उपचार करवाना पड़ रहा है। इन दो पंचायतों के लोगों के इलाज के लिए किसी भी सरकार ने न तो स्वास्थ्य उप केंद्र दिया और न ही आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी खोली है। ऐसे में लोगों को गाड़ागुशैणी अस्पताल जाना पड़ता है। वहां पर भी कई बार चिकित्सक न होने की वजह से 35 किमी दूर बंजार का रुख करना पड़ता है।
सर्दियों के दिनों में बर्फबारी से सड़क बंद होने से क्षेत्र के मरीजों को चारपाई या फिर पीठ पर उठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। स्वास्थ्य सुविधा को लेकर टील और सराज पंचायत के जन प्रतिनिधियों ने अनेकों बार पिछली सरकारों से पंचायत के लोगों के इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग की, मगर किसी भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया है। नई पंचायतें बनने के बाद फिर से टील पंचायत में स्वास्थ्य उप केंद्र खोलने की मांग जोर पकड़ने लगी है। ग्रामीणों ने इस मसले को बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी से की है। बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि टील पंचायत में स्वास्थ्य उप केंद्र खोलने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने घोषणा की है। इसका लाभ टील और सराज पंचायत के लोगों को मिलेगा।