कुल्लू/खराहल। जिले में सूखे के कारण नगदी फसल लहसुन मुरझाने लग पड़ी है। अगर बारिश न हुई तो फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में सितंबर से सूखा चल रहा है।
कुल्लू में करीब 10,000 किसान लहसुन की फसल से जुड़े हैं। लगभग 1,500 हेक्टेयर जमीन पर खेती हो रही है। जिले में कुछ सालों से नगदी फसल लहसुन की पैदावार बड़े स्तर पर की जा रही है। किसानों को बाजार में अच्छे दाम भी मिल रहे हैं। इससे उनकी आर्थिकी मजबूत हो रही है। इस बार शुरुआती दौर से ही सूखे का कहर फसल पर बरपा है।
ऐसे में फसल का विकास आशा के अनुरूप नहीं हो रहा है। ऐसे में किसानों की चिंता फसल के प्रति बढ़ गई है। सूखे से न केवल लहसुन की फसल मुरझाना शुरू हो गई, बल्कि किसान इसकी निराई का काम भी नहीं कर पा रहे हैं। जिले में लहसुन अन्य राज्यों की अपेक्षा टिकाउ और अच्छी गुणवत्ता वाला होता है।
इसकी मांग दक्षिण भारत सहित विदेशों में अधिक रहती है। समय पर बारिश नहीं होती है तो फसल को और अधिक नुकसान होगा। किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी, कृषि विकास संघ के प्रधान ज्ञान ठाकुर तथा किसान लीला प्रसाद ने कहा कि इस बार दिसंबर बीतने को है लेकिन बारिश नहीं हुई।
इस कारण फसलें मुरझाने के कगार पर हैं। कृषि उपनिदेशक पंजवीर ठाकुर ने कहा कि बारिश नहीं होने से तमाम फसलों को नुकसान हो रहा है। नगदी फसल लहसुन पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। संवाद