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बारिश से सेब तुड़ान नहीं कर पा रहे बागवान

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कुल्लू जिला में लगातार हो रही भारी बारिश और बादल फटने की घटना के बाद सब्जी मंडी भुंतर में नाममात्? - फोटो : Kullu
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कुल्लू। बरसात का असर सब्जी मंडियों पर दिखने लगा है। कुल्लू की मंडियों में पिछले एक सप्ताह पहले सेब और नाशपाती की प्रतिदिन करीब 20 हजार क्रेट आ रही थी, जो अब घटकर 2500 तक ही रह गई हैं। बागवानों ने फिलहाल सेब, नाशपाती का तुड़ान बंद कर दिया है।
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सब्जी मंडियों में फलों की खेप कम आने से बाहरी राज्यों के व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश बागवानों के लिए परेशानी बनी हुई है। बारिश के चलते बागवान नाशपाती और सेब की तैयार फसल का तुड़ान नहीं कर पा रहे हैं। जिन बागवानों ने तुड़ान कर भी रखा है, उनके लिए खराब सड़कें दिक्कत बनी हुई हैं। इससे उनको नुकसान हो रहा है। जिले में शुक्रवार को भी सब्जी मंडियों में फसल की खेप नाममात्र रही है। फसल कम आने के चलते सब्जी मंडियों में सन्नाटा पसरा रहा। सब्जी मंडियों में नाशपाती और सेब के दामों में स्थिरता बरकरार है। खराब मौसम के कारण बागवान मंडियों तक अपने उत्पाद पहुंचाने में असमर्थ हैं। बागवान रमेश कुमार, अतुल, प्रवीण, बुधराम, दुनीचंद, आलम चंद, जय प्रकाश, दीपक ने कहा कि भारी बारिश बागवानों के लिए आफत बन गई है। सुबह के समय रोजाना बारिश होने से वह तैयार फसल का तुड़ान नहीं कर पा रहे हैं। सेब सीजन अभी शुरूआती दौर में है। लेकिन नाशपाती का सीजन गति पकड़ चुका है। भारी बारिश के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारी सोमदेव, रितेश, आशीष ने कहा कि मंडियों में फसल कम आने के कारण गाड़ी पूरी नहीं भर रही है। ऐसे में वह यहां से खरीदी फसल को बड़ी मंडियों तक समय पर नहीं पहुंचा पा रहे हैं। उधर, इस संबंध में कुल्लू और स्नोअर वैली आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष खुशहाल ठाकुर ने कहा कि पिछले कुछ दिनों के मुकाबले नाशपाती और सेब की फसल मंडियों में 70 फीसदी तक कम पहुंच रही है। कहा कि बारिश का फसल के दामों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
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