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तीर्थन में ओले से गिरे सेब-नाशपाती के फल

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गुशैणी (कुल्लू)। जिला कुल्लू की बंजार घाटी के तीर्थन में शनिवार दोपहर बाद ओलावृष्टि हुई। घाटी में हाल ही में दो बार ओले गिरने से किसानों-बागवानों को क्षति हो गई है। तीर्थन घाटी में तेज बारिश के साथ ओले गिरने से सेब के साथ नाशपाती को भी नुकसान पहुंचा है।
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ओले व पहाड़ों में गिर रही बर्फबारी से सेब व नाशपाती के दाने पेड़ से गिरने लगे हैं। ऐसे में सेब व नाशपाती के बगीचों में बची फसल पर खतरा मंडराने लगा है। इससे जहां सेब की फसल दागदार हो रही, वहीं नाशपाती के दाने पेड़ से गिरने लगे हैं। तीर्थन घाटी के तलिहार, बुसारी, झुटली, बांदल, मथेना, निचला बांदल, नागनी, बशीर, दाड़ी, हामनी तथा लुहारदा में ओलावृष्टि हुई है। ग्राम पंचायत शरची में कई जगहों पर तेज बारिश के साथ भारी ओले गिरे हैं। इसमें सेब, नाशपाती, प्लम, आड़ू सहित दूसरे गुठलीदार फलों को नुकसान हुआ है। बागवान चमन लाल, चेत राम, भाई लाल, लोतम राम, सुरेंद्र सिंह, किशन चंद का कहना है कि पहले ही मौसम के बार-बार बदलते मिजाज से बागवानी को नुकसान हुआ है। लेकिन जो कुछ बचा है, उस पर ओले की मार पड़ रही है। ग्राम पंचायत शरची प्रधान दिनेश्वरी ठाकुर, उप प्रधान सुरेंद्र ठाकुर, उप प्रधान ग्राम पंचायत कांडीधार मोहिंदर सिंह का कहना है कि बागवानी विभाग नुकसान की रिपोर्ट बनाकर इसे सरकार को भेजे। प्रभावित किसानों-बागवानों को मुआवजा दिया जाए। बागवानी विभाग बंजार के विषयवाद विशेषज्ञ रामनाथ ठाकुर ने कहा कि ओलावृष्टि के बाद बागवानों को 72 घंटे के भीतर यूरिया डाइथीन एम-45 का छिड़काव करना चाहिए, जिससे ओले से पड़े दाग साफ हो जाते हैं।
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