बारिश-बर्फबारी के बाद खेतों में पर्याप्त नमी, बागवान भी बगीचों में डटे
नाशपाती, सेब के पौधों में लगाई जा रहीं कलमें
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। फरवरी और मार्च में हुई बारिश-बर्फबारी के बाद अब कृषि और बागवानी कार्यों ने जोर पकड़ लिया है। किसान खेतों में मटर, लहसुन की निराई रहे हैं वहीं बगीचों में सेब पौधों में खाद डालने के साथ ट्री स्प्रे ऑयल का छिड़काव किया जा रहा है।
बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी है। ऐसे में किसान अब मटर की निराई कर रहे हैं। मटर की निराई से पौधाें का विकास तेजी से होगा। गेहूं, जौ के साथ ही लहसुन की फसल भी इस साल अच्छी होने की उम्मीद है। पार्वती घाटी के किसान देंवेद्र कुमार, विनोद ठाकुर और दलीप सिंह ने कहा कि खेतों में फरवरी और मार्च की बारिश के बाद पर्याप्त नमी है।
इससे गेहूं और अन्य फसल अच्छी होगी। दूसरी ओर सेब, प्लम के बगीचों में बागवान व्यस्त हैं। बागवान प्लम की फ्लावरिंग वाले पौधों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही नाशपाती, सेब के पौधों में कलमें लगाने का काम भी कर रहे हैं। अप्रैल महीने में सेब के पौधों में फूल आना शुरू हो जाएंगे। इससे पहले बागवान बगीचों में खाद, गोबर मिलाने का कार्य निपटा रहे हैं। सेब पौधों में काट-छांट का कार्य बागवान निपटा चुके हैं। बागवानी विभाग के उपनिदेशक बीएम चौहान ने कहा कि मौसम सेब सहित अन्य फलदार पौधों के लिए अनुकूल बना हुआ है, जो बागवानों के लिए राहत है। संवाद